रिपोर्ट :- संतोष चौहान, सुपौल
सुपौल :- प्रसिद्ध लोकसंत एवं साहित्यकार परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं की जन्मभूमि सुपौल जिले के परसमा स्थित पावन स्थल के विकास को लेकर श्री उग्रतारा माता मंदिर न्यास समिति, महिषी के उपाध्यक्ष प्रमिल कुमार मिश्रा ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पहल करने की मांग की है। उन्होंने पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत योजना के बावजूद अब तक विकास कार्य शुरू नहीं होने पर चिंता जताई है। पूर्व मुख्यमंत्री को भेंट कर दिए पत्र में प्रमील कुमार मिश्रा ने कहा है कि परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं की जन्मभूमि के विकास के लिए जिला प्रशासन सुपौल द्वारा भूमि उपलब्ध कराते हुए पर्यटन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद 25 जुलाई 2025 को पर्यटन विभाग ने प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को परियोजना प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, लेकिन अभी तक स्थल पर विकास कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।

उन्होंने कहा कि परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं मिथिला की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा के महान संत थे। उनकी जन्मभूमि का विकास होने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
श्री मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस पावन भूमि के विकास कार्य को शीघ्र शुरू कराने की दिशा में आवश्यक पहल की जाए, ताकि मिथिला और गोसाईं जी के अनुयायियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम जरूर उठाएगी।




