पंकज कुमार जहानाबाद
जहानाबाद में कानून के रखवालों पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उत्पाद विभाग की टीम पर चेकिंग के नाम पर गुंडागर्दी, मारपीट और राहगीर से लाखों रुपये की अवैध वसूली करने का आरोप लगा है. इस मामले में विभाग के एक-दो नहीं, बल्कि चार पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ हुलासगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. इस कार्रवाई के बाद से उत्पाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. पूरा मामला हुलासगंज थाना क्षेत्र के चुहड़मल चौक का है. दरअसल, नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मनीचक गांव निवासी अम्पु कुमार ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पीड़ित के अनुसार, 9 मार्च 2026 की सुबह जब वे चुहड़मल चौक के पास से गुजर रहे थे, तभी वाहन जांच के नाम पर उत्पाद विभाग की टीम ने उनकी गाड़ी को रोक लिया. आरोप है कि गाड़ी रोकने के बाद वहां तैनात अधिकारियों ने न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि पीड़ित के साथ जमकर मारपीट भी की. इतना ही नहीं, अधिकारियों ने पीड़ित का मोबाइल और गाड़ी की चाबी तक छीन ली और उनके सहयोगी के पास रखे 60 हजार रुपये जबरन निकाल लिए. पीड़ित अम्पु कुमार ने उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश कुमार सब इंस्पेक्टर रंजीता सिंह एएसआई संतोष कुमार और नरदीप सिंह शामिल हैं. पीड़ित का आरोप बेहद चौंकाने वाला है. उनका कहना है कि मारपीट और 60 हजार रुपये छीनने के बाद भी अधिकारियों का मन नहीं भरा. उन्होंने पीड़ित को शराब के झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी. इस केस से बचने के नाम पर डरा-धमकाकर पीड़ित से कुल 2 लाख 10 हजार रुपये की मोटी रकम वसूल ली गई. इस घटना के बाद पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाने के बाद डीएम छिरिड वाई भूटिया ने एडीएम के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर मामले की जांच कराई गई. जांच में मामला सही पाए जाने के बाद उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर समेत चार अधिकारियों के खिलाफ हुलासगंज थाने में मामला दर्ज कराया है. इधर पुलिस ने चारों नामजद अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की गहन जांच में जुट गई है. हालांकि, इस पूरे विवाद और लगे गंभीर आरोपों पर उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि मेरे और मेरे टीम पर लगाये गए सारे आरोप बेबुनियाद है. उन्होंने बताया कि आरोप लगाने वाले शराब तस्कर है. वे नहीं चाहते हैं कि इस इलाके में कोई कार्रवाई हो.




