रिपोर्ट :- संतोष चौहान
सुपौल :- जिले में मिशन परिवार विकास कार्यक्रम के अंतर्गत परिवार नियोजन एवं जनसंख्या स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को सदर अस्पताल परिसर में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ० बाबू साहब झा ने दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों एवं उनके लाभों की जानकारी देने के लिए विशेष जागरूकता स्टॉल लगाए गए, जहां स्वास्थ्य कर्मियों ने आम लोगों को विस्तृत परामर्श दिया।
उद्घाटन समारोह में सिविल सर्जन डॉ० बाबू साहब झा के अलावा जिला कार्यक्रम प्रबंधक-सह-जिला योजना समन्वयक बालकृष्ण चौधरी, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी शशि भूषण प्रसाद, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक अभिषेक कुमार, अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद, सदर अस्पताल की परामर्शी उजाला सिंह तथा पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रतिनिधि चंदन कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ० बाबू साहब झा ने कहा कि स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की नींव परिवार नियोजन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का विषय नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा का एक प्रभावी माध्यम है। यदि दंपति बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतर रखें और परिवार नियोजन के सुरक्षित उपाय अपनाएं, तो मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है तथा परिवार का आर्थिक और सामाजिक विकास भी संभव हो पाता है।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को आधुनिक परिवार नियोजन साधनों की जानकारी देने के साथ-साथ योग्य लाभार्थियों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
कार्यक्रम में लगाए गए विशेष स्टॉलों पर परिवार नियोजन के अस्थायी एवं स्थायी उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने महिलाओं एवं पुरुषों को गर्भनिरोधक साधनों के सुरक्षित उपयोग, जन्म के बीच उचित अंतराल रखने तथा छोटे परिवार के लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। उपस्थित लोगों ने भी स्टॉलों पर पहुंचकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कराया।
इस अवसर पर एएनएम स्कूल की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से परिवार नियोजन एवं जनसंख्या स्थिरता का प्रभावशाली संदेश दिया। नाटक में यह दर्शाया गया कि छोटे परिवार से बच्चों की बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण सुनिश्चित किया जा सकता है, जबकि अनियोजित एवं लगातार गर्भधारण से महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। छात्राओं की प्रस्तुति को लोगों ने काफी सराहा।
इसके अलावा कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें परिवार नियोजन से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया। इस गतिविधि का उद्देश्य लोगों में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके मन में मौजूद भ्रांतियों को दूर करना था।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक बालकृष्ण चौधरी ने बताया कि अभियान के दौरान जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,अनुमंडलीय अस्पताल एवं सदर अस्पताल में महिला बंध्याकरण तथा पुरुष नसबंदी की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इच्छुक लाभार्थी इन स्वास्थ्य संस्थानों में पहुंचकर निशुल्क सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ लेने के इच्छुक दंपति अपने गांव की आशा कार्यकर्ता अथवा एएनएम से भी संपर्क कर सकते हैं। आशा एवं एएनएम लाभार्थियों को आवश्यक जानकारी देने के साथ उन्हें स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में सहयोग करेंगी। इसके अलावा परिवार नियोजन से संबंधित सभी आवश्यक परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे परिवार नियोजन को अपनाकर स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं। अधिकारियों ने कहा कि जनसंख्या स्थिरता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही इस लक्ष्य को सफल बनाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने विश्वास जताया कि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के दौरान जिलेभर में आयोजित होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों से अधिक से अधिक लोग परिवार नियोजन के प्रति जागरूक होंगे और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाकर स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।



