राम मंदिर ट्रस्ट पर कांग्रेस का हमला, उज्ज्वल रमण सिंह ने की जांच और ट्रस्ट भंग करने की मांग!

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रिपोर्ट – अमित कुमार!

पटना। प्रयागराज से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम भी मौजूद रहे।

सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा दोहरी नीति पर काम करती है। संविधान और संप्रदायवाद के नाम पर देश को बांटने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने कहा, “राम मंदिर से किसी को दिक्कत नहीं है। हम सनातन धर्म के साथ हैं। लेकिन धर्मनिरपेक्षता हमारे लिए सर्वोपरि है। लाखों-करोड़ों भक्तों ने आस्था से दान दिया, चांदी चढ़ाई। लेकिन ट्रस्ट के नाम पर उस आस्था के साथ विश्वासघात हुआ है।”

उज्ज्वल रमण सिंह ने अयोध्या में जमीन खरीद में घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि जब मंदिर के लिए जमीन जुटाई जाने लगी तो ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने अयोध्या में सस्ते में जमीन खरीदी और उसे महंगे दाम पर ट्रस्ट को बेच दिया। “18 करोड़ रुपये की जमीन एक घंटे में बेच दी गई। इसमें बड़े पैमाने पर बंदरबांट हुई है,” उन्होंने आरोप लगाया।

सांसद ने सवाल उठाया कि अगर सब कुछ ठीक था तो ट्रस्ट के पदाधिकारी चंपत राय और अनिल मिश्रा से इस्तीफा क्यों लिया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की देखरेख में ट्रस्ट का गठन हुआ था, इसलिए प्रधानमंत्री को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए।

उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा पर हुए 113 करोड़ रुपये के खर्च का भी जिक्र किया और नगर में चढ़ावे से जुड़े मामले सामने आने की बात कही। उज्ज्वल रमण सिंह ने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और ट्रस्ट को भंग किया जाए ताकि लोगों के मन की शंका दूर हो सके।

“भक्तों की आस्था और विश्वास के साथ विश्वासघात हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बने माहौल में राम मंदिर बना। भाजपा ने इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लिया। लेकिन आज स्थिति यह है कि लोगों ने जो पैसा दिया उसकी कोई जवाबदेही नहीं है। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई से कुछ नहीं होगा। प्रधानमंत्री जी इस पूरे मामले पर मौन हैं। हमारी मांग है कि ट्रस्ट को भंग कर जांच कराई जाए।”

बाईट: उज्ज्वल रमण सिंह, कांग्रेस सांसद, प्रयागराज

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