रिपोर्ट :- संतोष चौहान, सुपौल
सुपौल :- भारत – नेपाल सीमा पर अवस्थित कोशी बराज से मंगलवार की शाम 6 बजे 1,27,265 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जल संसाधन विभाग की ओर से जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार बराज से कुल 1,27,265 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। वहीं, बी.के.एस. प्वाइंट पर शाम 6 बजे 75,800 क्यूसेक जल प्रवाह रिकॉर्ड किया गया। पूर्वी कोशी मुख्य नहर (ईकेएमसी) और पश्चिमी कोशी मुख्य नहर (डब्ल्यूकेएमसी) में फिलहाल पानी का प्रवाह शून्य है।
कोशी बराज से पानी छोड़े जाने के बाद जिले में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिले से होकर गुजरने वाली कोशी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल संसाधन विभाग के अभियंता तटबंधों का निरीक्षण कर रहे हैं, जबकि संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए विभागीय अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है।
हालांकि वर्तमान में कोशी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और जिले में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी है, लेकिन नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आने वाले दिनों में जलप्रवाह बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी के मद्देनजर प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सुपौल जिले के किशनपुर, बसंतपुर,सरायगढ़-भपटियही, निर्मली और मरौना प्रखंडों के तटवर्ती एवं निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक आवाजाही नहीं करने तथा बच्चों को नदी के आसपास नहीं जाने देने की जिला प्रशासन द्वारा अपील की गई है। नाव चालकों और मछुआरों को भी नदी में उतरने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जिला प्रशासन ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण कक्ष पूरी तरह सक्रिय है और जल संसाधन विभाग से हर घंटे जलस्तर की जानकारी ली जा रही है। तटबंधों पर किसी भी प्रकार की क्षति या रिसाव की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को भी आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोशी बराज से वर्तमान में छोड़ा गया जलप्रवाह सामान्य मानसूनी स्थिति का हिस्सा है, लेकिन यदि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार भारी वर्षा होती है तो आने वाले दिनों में डिस्चार्ज में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा केवल प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।




