रिपोर्टर– राजीव कुमार झा
राष्ट्रीय ब्राम्हण महासभा, परशुराम सेवा संस्थान के लोग भरत भूषण तिवारी हत्या काण्ड को लेकर दिखे गुस्से मे
20 वां साल बेमिसाल कार्यक्रम मे जिले भर से हजारों लोगो ने लिया भाग
मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड अंतर्गत सौराठ गांव स्थित होम्योपैथीक हाँल मे आयोजित कार्यक्रम के मौके पर पहूंचे लोगो मे भरत भूषण तिवारी हत्या काण्ड को लेकर गुस्सा दिखाई दिया। 20 वां साल राष्ट्रीय ब्राम्हण महासभा, परशुराम सेवा संस्थान के पूरा होने पर 20 वां साल बेमिसाल कार्यक्रम मे सामिल होने आए जिले भर से हजारो लोगो को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने मुख्य रूप से तीन काला कानून जातीय आधारित आरक्षण को आर्थिक आधार पर करने, एसी एस टी कानून को खत्म करने, यू जी सी कानून वापस लेने के साथ ही भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के भरत भूषण तिवारी हत्या काण्ड के विरुद्ध अपने अपने बिचार रखें। कार्यक्रम के प्रारंभ मे मंचासीन सभी नेताओं का मिथिला परंम्परा के अनुसार पाग, माला एवं डोपटा से सम्मानित किया गया। मौके पर ग्वालियर से आए वरिष्ठ अधिवक्ता अनील मिश्र, अलंकार अग्निहोत्री, सर्वेश पांडे, इंजीनियर आशुतोष झा, अरुण कुमार झा, कार्यक्रम संयोजक विमल चन्द्र मिश्र, चंदन ठाकुर, जितेन्द्र चंद्र मिश्रा, ध्रुव नारायण त्रीपाठी, प्रदीप झा, आनंद कुमार झा, सरोज झा, महादेव मिश्र सहित दर्जनो लोगों ने कार्यक्रम को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा हम लोग कल भी एक थें और आज भी एक है।हमे कोई कमजोर समझने का भूल ना करें। हम लोग सरकार को सत्ता पर बिठाने मे अहम योगदान देते है। लेकिन हमारे साथ सरकार न्याय नही कर पा रही है। सामाज के लिए आवाज उठाने वालो का आवाज नही सुना जा रहा है। ऐसे लोगों की हत्या कर दी जाती है। भरत तिवारी हत्याकांड का निस्पक्ष जांच होनी चाहिए। हत्यारे के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। भरत भुषण तिवारी के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। ऐसा नही किया गया तो हम लोग चूप्प बैठने वाले मे से नही है। हम अपने रक्षा करने को लेकर सक्षम है, सरकार ब्राम्हण को समाज एवं धर्म रक्षा के लिए फरसा धारन करने की अनुमति दें। ब्राम्हण समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने मे विस्वास रखतें है। मधुबनी जिला से 20 वर्ष पूर्व प्रारंभ हुए ये संगठन आज बिहार , झारखंड सहित दिल्ली और अन्य प्रदेशो मे मजबूती के साथ काम कर रही है। ये क्षण मधुबनी जिले को गौरवान्वित करने वाली है।



