रिपोर्ट- अमित कुमार!
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार में ईडी की जांच के दौरान सामने आए कथित खुलासों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिशु श्री के जरिए सरकारी विभागों में ठेकों के आवंटन और अधिकारियों के तबादलों में कथित रूप से हस्तक्षेप किया गया। सुधाकर सिंह ने कहा कि अब तक इस मामले में दो आईएएस अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन ये सिर्फ “छोटी मछलियां” हैं।
उन्होंने दावा किया कि बिहार के नौ बड़े आईएएस अधिकारियों की भ्रष्टाचार में संलिप्तता की जानकारी सामने आई है और इस मामले से जुड़े डिजिटल सबूतों को छिपाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और रिशु श्री के बीच हुई डिजिटल चैटिंग को सार्वजनिक नहीं किया गया।
राजद सांसद ने आरोप लगाया कि आईएएस संजीव हंस की गिरफ्तारी और जांच के बाद ईडी को कई अहम जानकारियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक लूट नगर विकास विभाग में हुई है और नमामि गंगे परियोजना के धन का दुरुपयोग किया गया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस कथित घोटाले से जुड़ी कंपनियां गुजरात की हैं। उन्होंने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि डीपीएस स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश हो रही है।
वहीं, भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर भी सुधाकर सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी एडीजी एसटीएफ कुंदन कृष्णन की है, क्योंकि पटना से एसटीएफ की टीम भोजपुर भेजी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एडीजी कुंदन कृष्णन उन्हें भी पहले धमकी दे चुके हैं, जब उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने की कोशिश की थी।
बाइट: सुधाकर सिंह, राजद सांसद।




