149 आईटीआई का आधुनिकीकरण: कौशल क्रांति को नई गति देगा बिहार”!

SHARE:

:- रवि शंकर अमित!

योजना एवं विकास विभाग, बिहार सरकार
(विकास आयुक्त कोषांग)

पटना, दिनांक: 19 जून, 2026

“63,115 रोजगार अवसर, 4,600 युवाओं को नौकरी और 149 आईटीआई का आधुनिकीकरण: कौशल क्रांति को नई गति देगा बिहार”

“भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने की दिशा में कौशल विकास कार्यक्रमों का होगा पुनर्संरचना : विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह

विकास आयुक्त, बिहार सरकार की अध्यक्षता में आज सात निश्चय-3 के अंतर्गत युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कौशल विकास, रोजगार सृजन, उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण, वैश्विक रोजगार अवसरों तथा नई तकनीकों पर आधारित कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री के “दोगुना रोजगार-दोगुनी आय” के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में विभाग द्वारा उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। नवंबर 2025 से मई 2026 के बीच विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से 63,115 रोजगार अवसरों का सृजन किया गया है। वहीं बिहार रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से अब तक 68,822 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
विकास आयुक्त ने कहा कि बिहार की कौशल विकास प्रणाली को भविष्य की औद्योगिक एवं तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि सोलर टेक्नोलॉजी, एसी तकनीशियन, प्लंबिंग, एनर्जी मैनेजमेंट, बैटरी टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ग्रीन जॉब्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएं। साथ ही अग्रणी उद्योगों एवं कंपनियों के साथ साझेदारी कर उन्नत पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं ताकि युवाओं को रोजगार बाजार की वास्तविक मांग के अनुरूप कौशल प्राप्त हो सके।
कौशल परीक्षण एवं प्रमाणन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए दशरथ मांझी कौशल एवं नियोजन परिसर में बेल्ट्रॉन के सहयोग से एक स्थायी परीक्षण एवं मूल्यांकन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव की समीक्षा की गई। यह केंद्र प्रतिदिन कम-से-कम 100 अभ्यर्थियों की क्षमता के साथ कौशल परीक्षण, टाइपिंग टेस्ट, एप्टीट्यूड मूल्यांकन तथा अन्य रोजगारोन्मुखी परीक्षण आयोजित करेगा। सफल अभ्यर्थियों को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) के सहयोग से प्रमाणन उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।
टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से राज्य के 149 आईटीआई संस्थानों का आधुनिकीकरण किया गया है, जहां इलेक्ट्रिक व्हीकल, इंडस्ट्री 4.0, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग तथा ऑटोमेशन जैसे 23 अत्याधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त राज्य के 44 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से अब तक 26,740 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है तथा 4,600 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है।
प्रधानमंत्री स्किलिंग फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड उन्नति (PM-SETU) कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में 15 हब एवं 60 स्पोक आईटीआई क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल परियोजना लागत ₹3,615 करोड़ है। यह कार्यक्रम उद्योग आधारित प्रशिक्षण, आधुनिक अवसंरचना, डिजिटल लर्निंग तथा रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को नई दिशा देगा।
वर्तमान में राज्य के आईटीआई संस्थानों में लगभग 76 प्रतिशत सीटें भरी हुई हैं। विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि जिन संस्थानों अथवा ट्रेडों में प्रथम चरण की नामांकन प्रक्रिया में 75 प्रतिशत से कम सीटें भरती हैं, वहां द्वितीय चरण में पात्रता शर्तों को सरल बनाते हुए अधिकाधिक युवाओं को प्रवेश का अवसर दिया जाए ताकि उपलब्ध प्रशिक्षण अवसंरचना का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बैठक में विभाग द्वारा तैयार किए गए 90 एआई आधारित वीडियो प्रशिक्षण मॉड्यूल की समीक्षा की गई। इसके साथ ही युवाओं की वैश्विक रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए संचालित भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में अंग्रेजी, जापानी, जर्मन एवं अरबी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा भविष्य में कोरियन, फ्रेंच एवं स्पेनिश भाषाओं को भी शामिल किए जाने की योजना है।
विकास आयुक्त ने आगामी मेगा जॉब फेयर के आयोजन से पूर्व उद्योगों की मांग, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार अवसरों तथा उभरते क्षेत्रों का विस्तृत विश्लेषण करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं को देखते हुए महिला आईटीआई संस्थानों में हेल्थकेयर, पैरामेडिकल एवं मेडिकल सपोर्ट सेवाओं से संबंधित पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित मेगा स्किल सेंटर, आर्यभट्ट इंटरनेशनल स्किल हब, रोजगार सेतु तथा PM-SETU जैसी पहलें बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर कौशल विकास एवं रोजगार सृजन के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
विकास आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर सात निश्चय-3 के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने तथा युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

Join us on: