रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
मधुबनी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत मिली वित्तीय सहायता ने जिले की उद्यमी प्रीति कुमारी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। रहिका प्रखंड की निवासी प्रीति कुमारी ने अपनी कला प्रतिभा और मेहनत के बल पर मधुबनी पेंटिंग को रोजगार का सशक्त माध्यम बना लिया है।
प्रीति कुमारी बचपन से ही मधुबनी पेंटिंग कला में रुचि रखती थीं। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपनी रुचि को व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया। वर्ष 2018 में उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 3.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त की। इस सहायता से उन्होंने मधुबनी पेंटिंग इकाई की स्थापना कर अपने उद्यम की शुरुआत की।
व्यवसाय की शुरुआत के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कुशल कारीगरों की उपलब्धता, उचित दर पर कच्चे माल की व्यवस्था तथा तैयार उत्पादों के लिए बाजार तलाशना प्रमुख समस्याएं थीं। हालांकि उन्होंने धैर्य, लगन और निरंतर प्रयास के माध्यम से इन चुनौतियों पर विजय प्राप्त की। आज उनकी इकाई द्वारा निर्मित मधुबनी पेंटिंग की मांग देश के विभिन्न हिस्सों में है।
इस उद्यम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि प्रीति कुमारी ने स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ लगभग दस अन्य महिला कारीगरों को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। इससे संबंधित परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है तथा महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है।
प्रीति कुमारी का लक्ष्य भविष्य में अपने व्यवसाय का विस्तार कर मधुबनी पेंटिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। इसके लिए वे अतिरिक्त पूंजी और कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने की योजना बना रही हैं।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि बिहार में कुशल कारीगरों और बाजार की पर्याप्त संभावनाएं उपलब्ध हैं। यदि युवा आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ उद्यम स्थापित करें तो वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।




