रिपोर्ट – अमित कुमार!
- पटना। आर्थिक अपराध इकाई के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लो ने BPSC की AEDO और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी परीक्षा घोटाले में बड़ी कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस घोटाले में अपराध का नया तरीका सामने आया है।
पहले की परीक्षाओं में ज्यादातर लॉजिस्टिक चेन में गड़बड़ी होती थी। प्रिंटिंग प्रेस के कर्मी या ट्रांसपोर्ट कंपनियों के स्टाफ परीक्षा माफियाओं से मिलकर पेपर लीक करते थे। सिपाही भर्ती परीक्षा में भी यही पैटर्न देखा गया था। लेकिन AEDO और अपशिष्ट प्रबंधन परीक्षा में नई अपराध शैली से धांधली को अंजाम दिया गया।
इस बार बायोमेट्रिक कंपनी की संलिप्तता सामने आई है। BPSC ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए जयपुर की मेसर्स साई एजुकेट प्राइवेट लिमिटेड से एकरारनामा किया था। जांच में कंपनी के जिला कॉर्डिनेटर और सुपरवाइजर की संलिप्तता भी मिली है। दोनों परीक्षाओं में यही एक बायोमेट्रिक कंपनी थी।
इस धांधली को लेकर कुल आठ केस दर्ज हुए हैं। पहला केस मुंगेर में दर्ज हुआ था। इसके बाद बेगूसराय, नालंदा, नवादा और पटना के श्रीकृष्णपुरी थाने में भी केस दर्ज किए गए। इनमें से पांच केस का अन्वेषण EOU कर रही है। AEDO परीक्षा से जुड़े केस मुंगेर, बेगूसराय, नालंदा और नवादा जिले से संबंधित हैं।
अब तक कुल 35 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। श्रीकृष्णपुरी थाना में दर्ज मामले की जांच भी EOU कर रही है।




