डीएम सावन कुमार ने बाढ़ एवं सुखाड़ से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक की!

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रिपोर्ट :- संतोष चौहान!

सुपौल :- समाहरणालय सुपौल स्थित लहटन चौधरी सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी बाढ़ एवं सुखाड़ से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।

इस उच्च स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मानसून, बाढ़ एवं सुखाड़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षात्मक एवं प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेना था। बिहार मौसम सेवा केन्द्र विभाग, कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पशुपालन एवं स्वास्थ्य विभागों के द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारियों के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक के दौरान जिलाधिकारी के द्वारा बाढ़ पूर्व की गई तैयारियों एवं शेष कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने नावों के निबंधन एवं नाव एकरारनामा की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ शरणस्थलों पर उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं जैसे आवास, भोजन, पेयजल, चापाकल, विद्युत व्यवस्था एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों का उचित रख-रखाव किया जाए तथा बाढ़ पूर्व उनकी जांच कर ली जाए। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी आवश्यक दवाओं की अद्यतन सूची तैयार रखने तथा पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मेडिकल कैंपों की स्थापना, आवश्यक मानवबल की प्रतिनियुक्ति एवं अन्य व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने को कहा गया। पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि पशुओं हेतु चारा एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय विक्रेताओं से समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

जल संसाधन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में कुल 06 प्रमंडलों के अंतर्गत संचालित 40 कटाव निरोधी कार्यों में से 39 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने शेष कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने तथा सभी स्थलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता (आपदा) को विशेष रूप से सभी संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने तथा आवश्यकतानुसार विभिन्न स्थलों पर कनीय अभियंताओं (श्रम) की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में जिला एवं अंचल स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, संचार तंत्र को सक्रिय रखने तथा आवश्यकता

पड़ने पर अतिरिक्त आपदा मित्रों के प्रशिक्षण हेतु विभागीय स्तर पर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बाढ़ पूर्व तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्णतः तैयार रहने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सुश्री सारा अशरफ, उप विकास आयुक्त, सुपौल, मो० तारिक, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, सुपौल, सच्चिदानंद सुमन, अपर समाहर्ता, सुपौल, मनोहर साहू, अनुमंडल पदाधिकारी, सुपौल, मुकेश कुमार यादव, प्रभारी पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन, सुपौल, श्री चंद्रभूषण कुमार, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, सुपौल सहित सभी संबंधित विभागों (यथा-जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण एवं अन्य) के जिला स्तरीय पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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