रिपोर्ट – अमित कुमार!
दिल्ली और मुजफ्फरपुर के अस्पतालों में आग लगने की घटना के बाद पटना में अग्निशमन विभाग ने पूरी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।
इस घटना से सीख लेते हुए विभाग ने तय किया कि पटना के सभी बड़े छोटे अस्पतालों और होटलों की फायर सेफ्टी की जाँच की जाएगी ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना को पहले ही रोका जा सके
पिछले दो दिनों के अंदर अग्निशमन विभाग की टीम ने पटना में लगभग साठ से सत्तर अस्पताल और होटलों का निरीक्षण पूरा कर लिया है इस निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर इमरजेंसी गेट सीसीटीवी कैमरा पानी की व्यवस्था और कर्मचारियों को आग बुझाने का प्रशिक्षण जैसी चीजों को बारीकी से देखा गया टीम ने पाया कि कई जगहों पर सेफ्टी के नियमों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा था
जाँच के बाद पाँच अस्पताल और होटल ऐसे मिले जहाँ काफी गंभीर खामियाँ थीं इन जगहों पर आग लगने पर मरीजों और लोगों की जान को खतरा हो सकता था इसलिए विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एडवांस पटना सेंट्रल अस्पताल आरोग्यवर्धन अस्पताल पिनेकल अस्पताल श्याम ट्रस्टेड रिसर्च अस्पताल और अपेक्स अस्पताल को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जब तक ये अस्पताल और होटल सारे सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं कर लेते तब तक इनको खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी
इस पूरी कार्रवाई का मकसद सिर्फ सजा देना नहीं है बल्कि लोगों की जान बचाना है आग जैसी घटना में कुछ सेकंड की लापरवाही बहुत बड़ा नुकसान कर देती है इसलिए अस्पताल और होटल चलाने वालों की जिम्मेदारी है कि वे फायर सेफ्टी को सबसे ऊपर रखें पटना में शुरू हुई ये जाँच आगे भी जारी रहेगी ताकि शहर के हर कोने में लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके



