रिपोर्टर– राजीव कुमार झा
पुलिस ने डूबती बच्ची को बचाने में दिखाई तत्परता अस्पताल ने बताया खतरे से बाहर
मधुबनी जिले के जयनगर अनुमंडल क्षेत्र स्थित कमला नदी के किनारे एक दिल दहला देने वाली घटना टली। जयनगर थाना पैंथर पुलिस के दो बहादुर जवान राहुल कुमार और श्याम कुमार पासवान ने एक 12 वर्षीय बच्ची मानसी कुमारी की जान कमला नदी के पानी मे डूबने से बचाई। ये कमाल पैंथर के दोनो जवानो ने करते हुए कमला नदी की तेज धारा में डूब रही बच्ची को अपने सूझबूझ व तत्परता का परिचय देते हुए कर दिखाया। जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 03 बजे जयनगर थाना क्षेत्र के कमला नदी के पास मानसी कुमारी अपने भाई- बहनों के साथ खेल रही थी। अचानक पैर फिसलने से वह तेज बहाव वाली नदी में गिर गई। चारो तरफ चीख- पुकार मच गयआ। देखते ही देखते कमला नदी किनारे लोगो की भीड़ जमा हो गया। लेकिन आसपास के लोग पानी में उतरने से हिचक रहे थे। तभी गश्त पर मौजूद पैंथर पुलिस के जवान राहुल कुमार और श्याम कुमार पासवान ने बिना वक्त गंवाए अपनी वर्दी उतारी और नदी में कूद पड़े। दोनो जवानों का बहादुरी का यह परिचय देखने लायक था। नदी मे पानी का तेज बहाव के बावजूद दोनों जवानों ने बच्ची को लपक कर पकड़ लिया और बच्ची को सुरक्षित किनारे तक खींच लाए। पानी से बाहर निकालने पर बच्ची बेहोश थी और उसकी सांसें थम चुकी थीं। एक जवान ने बिना देर किए उसे सी पी आर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का सहारा लिया और एक ने छाती दबाने लगा। कुछ ही मिनटों में मानसी की सांसें लौट आईं। तत्काल बच्ची को जयनगर अनुमंडल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे निगरानी में रखा। राहत की बात यह है कि मानसी अब खतरे से बाहर है और कुछ घंटों में घर लौट सकती है। उसके परिजनों ने जवानों को धन्यवाद देते हुए कहा, “ये हमारे परिवार के लिए देवदूत बन कर आए है।” स्थानीय लोगों ने भी पैंथर टीम के राहुल कुमार और श्याम कुमार पासवान की तत्परता व बहादुरी की जमकर सराहना करते हुए कहा है की पैंथर पुलिस हमेशा मुस्तैद रहती है। ऐसे जवानो पर हम सब को गर्व हैं। जयनगर थाना प्रभारी अमित कुमार ने भी जवानों को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा है कि इन जवानो के साहस व बहादुरी को लेकर उच्चाधिकारियों को सम्मानित करने के लिए सिफारिश किए है। यह घटना कमला नदी के आसपास व्याप्त खतरों को लेकर अभी से भयभीत करने के लिए काफी है। इन संभावित खतरे वाली जगहो पर मानसून से पहले प्रशासन को चेतावनी बोर्ड लगाने और लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।




