:- रवि शंकर अमित!
जिलाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 16.04.226 को कारगिल विजय भवन, बेगूसराय में ‘नमामि गंगे’ परियोजना तथा जिला गंगा समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नमामि गंगे के अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न परियोजनाओं, गंगा घाटों की स्वच्छता व्यवस्था तथा आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में माननीय NGT के आदेश के आलोक में गंगा के फ्लड प्लेन क्षेत्र में न्यूनतम 50 एकड़ भूमि पर जैव विविधता पार्क विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि High Flood Level से ऊपर उपयुक्त भूमि का चयन कर शीघ्र प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।
इसके साथ ही सिमरिया घाट के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। नमामि गंगे के द्वितीय चरण के अंतर्गत घाट पर सीढ़ी घाट, टॉयलेट कॉम्प्लेक्स तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। कल्पवास मेला क्षेत्र में भी विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्य चल रहे हैं। जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए घाट के समीप वाहनों के दबाव को कम करने के लिए घाट से लगभग 500–700 मीटर दूर पार्किंग स्थल चिन्हित करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला अंतर्गत विभिन्न घाटों पर खतरे के निशान (DL) एवं चेतावनी के निशान (WL) की भी समीक्षा की गई। साथ ही गंगा के प्रमुख घाटों पर जलस्तर मानक बोर्ड लगाने की प्रगति का भी जायजा लिया गया।
समीक्षा के दौरान 16 से 25 मार्च 2026 के बीच आयोजित “गंगा स्वच्छता पखवाड़ा” की उपलब्धियों की भी चर्चा की गई। इस दौरान सिमरिया एवं झमटिया घाट पर श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए गए, जीविका दीदियों द्वारा दीपोत्सव कार्यक्रम हुआ, विद्यालयों में क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं तथा “रन फॉर गंगा” मैराथन का सफल आयोजन किया गया, जिसमें केन्याई धावकों सहित लगभग 2000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
जिलाधिकारी ने नगर निकायों को निर्देशित किया कि गंगा नदी में किसी भी प्रकार का गंदा पानी या पूजा सामग्री सीधे प्रवाहित न होने दिया जाए। सिमरिया धाम में डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से श्रद्धालुओं को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही औद्योगिक इकाइयों को भी अपशिष्ट जल के समुचित शोधन के बाद ही उसका निष्कासन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री आकाश चौधरी, नगर आयुक्त, वन प्रमंडल पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।




