रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
मुजफ्फरपुर
जनगणना 2027
17 अप्रैल से शुरू होगी आनलाइन स्व-गणना: हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर डीएम का बड़ा अभियान
ऑनलाइन स्व-गणना पर जोर: जागरूकता से लेकर कार्रवाई तक का खाका तैयार, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुजफ्फरपुर,
16 अप्रैल 2026
जनगणना 2027 के अंतर्गत स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारियों से लेकर प्रखंड स्तरीय अधिकारियों तक की सहभागिता रही। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्व-गणना की प्रक्रिया को आमजन तक सरलता से पहुंचाना, तकनीकी एवं प्रशासनिक चुनौतियों की पहचान करना तथा उनके समाधान हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश देना था।
स्व -गणना का कार्य 17 अप्रैल से 1 मई तक किया जाएगा, तत्पश्चात 2 मई से 31 मई तक मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना 2027 देश के विकास की आधारशिला है और इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्व-गणना की प्रक्रिया के माध्यम से नागरिक स्वयं अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं, जिससे समय की बचत के साथ-साथ डेटा की शुद्धता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएं ताकि अधिक से अधिक लोग स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लें।
पोर्टल संचालन एवं पंजीकरण पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लोगों को स्व-गणना पोर्टल (https://se.census.gov.in) के उपयोग के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करें। बैठक में जिलाधिकारी की उपस्थिति में सभी अधिकारियों को स्व-गणना की चरणबद्ध तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी लाइव डेमोंसट्रेशन कर दी गई।
इस दौरान आईटी मैनेजर द्वारा बताया गया कि नागरिकों को सबसे पहले पोर्टल पर जाकर अपना राज्य एवं क्षेत्र का चयन करना होगा और कैप्चा कोड दर्ज कर लॉग-इन करना होगा। इसके बाद परिवार का पंजीकरण करना आवश्यक होगा, जिसमें परिवार के मुखिया का नाम, 10 अंकों का मोबाइल नंबर तथा ई-मेल आईडी दर्ज करनी होगी।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पंजीकरण के दौरान दर्ज की गई जानकारी बाद में परिवर्तित नहीं की जा सकेगी, इसलिए सभी विवरण सावधानीपूर्वक भरे जाएं। साथ ही, एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक ही परिवार के पंजीकरण के लिए किया जा सकेगा।
भाषा चयन एवं ओटीपी सत्यापन
बैठक में यह भी बताया गया कि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार भाषा का चयन कर सकते हैं, लेकिन चयनित भाषा को बाद में बदला नहीं जा सकेगा। इसके बाद मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ओटीपी आधारित सत्यापन की प्रक्रिया समझाएं और इसमें आने वाली समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
स्थान की पहचान और जियो-टैगिंग
स्व-गणना प्रक्रिया के तहत नागरिकों को अपने निवास स्थान की सटीक पहचान भी करनी होगी। इसके लिए पोर्टल पर उपलब्ध मानचित्र का उपयोग करते हुए अपने घर का स्थान चिन्हित करना आवश्यक होगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए पंचायत स्तर पर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
प्रश्नावली भरने की प्रक्रिया
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि स्व-गणना के तहत एक विस्तृत प्रश्नावली (34 प्रश्न) भरनी होगी, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक जानकारी शामिल होगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रश्नावली भरते समय किसी भी प्रकार की गलत जानकारी न दी जाए और सभी प्रश्नों का सही एवं पूर्ण उत्तर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की सहायता के लिए पोर्टल पर FAQs और अन्य सहायक सामग्री उपलब्ध है, जिसका उपयोग कर वे आसानी से प्रक्रिया को समझ सकते हैं।
पूर्वावलोकन एवं अंतिम सबमिशन
लाइव डेमोंसट्रेशन के दौरान अवगत कराया गया कि प्रश्नावली भरने के बाद ‘प्रीव्यू’ विकल्प के माध्यम से सभी दर्ज की गई जानकारी की जांच करना आवश्यक है। यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसे सुधारने के बाद ही अंतिम सबमिशन किया जाए। एक बार अंतिम सबमिशन हो जाने के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा।
अंतिम सबमिशन के पश्चात प्रत्येक परिवार को एक 11 अंकों की स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) प्रदान की जाएगी, जो आगे की प्रक्रिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी नागरिक इस SE ID को सुरक्षित रखें।
क्षेत्रीय सत्यापन एवं गणनाकर्मी की भूमिका
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि स्व-गणना के बाद क्षेत्रीय गणनाकर्मी (Enumerator) द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान नागरिकों को अपना SE ID प्रस्तुत करना होगा। यदि SE ID उपलब्ध नहीं होगा, तो गणनाकर्मी द्वारा पुनः जानकारी एकत्र की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गणनाकर्मियों को उचित प्रशिक्षण दें और यह सुनिश्चित करें कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करें।
व्यापक जन-जागरूकता अभियान के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि स्व-गणना की सफलता के लिए जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने विभिन्न माध्यमों—जैसे प्रचार-प्रसार वाहन, सोशल मीडिया, पंचायत स्तर पर बैठकें, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सूचना प्रसार—का उपयोग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल साक्षरता की कमी वाले क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाकर लोगों को स्व-गणना की प्रक्रिया सिखाई जाए।
जिलाधिकारी की अपील
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे जनगणना 2027 के इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि सही और सटीक जानकारी देने से ही सरकार को विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा, “जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।”
मुसहरी के सीओ का वेतन स्थगित, प्रपत्र ‘क’ गठित कर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा
मुसहरी के अंचलाधिकारी आज की महत्वपूर्ण बैठक से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाये गये। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय कार्य निष्पादन में भी इनकी स्थिति अत्यंत निराशाजनक है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने आज के वेतन की कटौती करने, अगले आदेश तक वेतन स्थगित करने तथा प्रपत्र ‘क’ गठित कर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा के साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को पत्र भेजने का निर्देश दिया।



