रिपोर्ट :- संतोष चौहान, सुपौल।
चैती दुर्गा पूजा के महानवमी के दिन आज चकला निर्मली स्थित चैती दुर्गा मंदिर में महिलाओं की भारी भीड़, 72 वर्षों से कलश स्थापना कर हर वर्ष होता है पूजा का भव्य आयोजन।
सुपौल जिले में विभिन्न स्थानों पर वासंतीय चैत्र नवरात्रि भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से मनाया जा रहा हैं, इसी कड़ी में सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड न० – 07 स्थित चकला निर्मली चैती दुर्गा मंदिर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि के मौके पर कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू हो गई, जिस पूजा को लेकर भव्य तैयारी की गई है। चकला निर्मली स्थित चैती मां दुर्गा मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। बताया जाता हैं कि सुपौल नगर परिषद वार्ड 07 चकला निर्मली स्थित दुर्गा मंदिर में करीब 72 वर्षो से हर वर्ष चैत्र नवरात्रि धूमधाम से मनाया जाता है। यहां हर वर्ष इस अवसर पर भव्य पूजा की जाती है। जिसमें हजारों की संख्यां में लोग जुटते हैं। खास कर यहां अष्टमी और नवमी को महाआरती का आयोजन किया जाता है। वही आज महानवमी के दिन महिलाओं द्वारा पूजा अर्चना के साथ खोयछा भराई भी की जाती है, जिसके लिए महिलाओं की भारी भीड़ रहती हैं, यहां महाष्टमी एवं महानवमी की संध्या में महाआरती होती है,जो इलाके में काफी प्रसिद्ध है, जो भव्य और अलौकिक रहता है। जिसमें हजारों की संख्यां में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मान्यता है कि साल भर में चार नवरात्रि मनाई जाती है। जिनमें दो गुप्त और दो प्रत्यक्ष नवरात्रि होती है। इनमें से एक चैत्र नवरात्रि भी है। कहते हैं वासंतीय चैत्र नवरात्रि में मां जगत जननी के नौ रूपों की आराधना की जाती है। यही कारण है कि यहां हर दिन श्रद्धालुओं की भिड़ लगती है।
इसी चैत्र नवरात्रि से हिंदू नव
वर्ष की भी शुरूआत होती है। लिहाजा इसकी बड़ी महत्ता है।
वही मंदिर के पुरोहित
ने बताया कि देवी दुर्गा की विधिपूर्वक पूजन हवन करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली तमाम समस्याएं दूर हो जाती है और दुखों से मुक्ति मिलती है। जो भी श्रद्धालु विधि विधान और श्रद्धा भाव से मां दुर्गा की पूजा करते हैं उसके घर में सुख- शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।




