रिपोर्ट – सुमित कुमार
मुंगेर में भूकंप आपदा पर व्यापक मॉक ड्रिल: 50 ‘घायल’ मॉडल अस्पताल में भर्ती, प्रशासनिक तत्परता व समन्वय की हुई सख्त परीक्षा
मुंगेर: संभावित भूकंप आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से गुरुवार को जिले में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश पर बिहार के 18 जिलों में एक साथ संपन्न हुआ। मुंगेर में इस दौरान राहत एवं बचाव तंत्र, स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस व्यवस्था तथा यातायात प्रबंधन की समन्वित कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की गई।
मॉक ड्रिल की शुरुआत समाहरणालय भवन से जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर एवं पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने संयुक्त रूप से की। सुबह आठ बजे काल्पनिक सूचना प्राप्त हुई कि शहर के छह स्थानों पर भूकंप के कारण भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं और लगभग 50 लोग घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही पोलो मैदान स्थित स्टेजिंग एरिया से अग्निशमन दल, आपदा मित्र एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तत्काल घटनास्थलों पर रवाना किया गया।
टीमों ने क्षतिग्रस्त भवनों से घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने तथा उन्हें शीघ्रता से मॉडल अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन किया। अस्पताल में चिकित्सकों की पर्याप्त टीम, दवाओं की उपलब्धता, आपात कक्ष की तैयारी एवं एंबुलेंस सेवाओं की तत्परता का भी परीक्षण किया गया।
अभ्यास के तहत समाहरणालय भवन, वैजनाथ बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय, भारत पेट्रोल पंप, सदर अस्पताल मुंगेर एवं बेलन बाजार क्वार्टर सहित विभिन्न स्थानों को चिन्हित कर बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इंडोर स्टेडियम में राहत केंद्र तथा पोलो मैदान में स्टेजिंग एरिया स्थापित किया गया, जहां से समन्वय एवं संसाधनों का संचालन किया गया।
पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि आपात स्थिति में यातायात व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ट्रैफिक डीएसपी के नेतृत्व में शहर के दस प्रमुख स्थानों पर विशेष ट्रैफिक प्रबंधन किया गया, जिससे घायलों को अस्पताल पहुंचाने में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं हुई।
मॉक ड्रिल में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सीआरपीएफ कमांडेंट रमेश कुमार ने बताया कि अभ्यास का उद्देश्य जिला प्रशासन, पुलिस बल एवं आमजन की तैयारियों का वास्तविक आकलन करना है।
अभ्यास के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मोबाइल के माध्यम से जिलाधिकारी से लाइव जुड़े रहे और अस्पतालों सहित संपूर्ण तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जनता को जागरूक करना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित, संगठित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि संभावित जनहानि को न्यूनतम किया जा सके। यह मॉक ड्रिल जिला प्रशासन की सजगता और समर्पित तैयारी का सशक्त उदाहरण रही।
बाइट- सैयद इमरान मसूद एसपी मुंगेर
बाइट- रमेश कुमार सीआरपीएफ कमांडेंट
बाइट-निखिल धनराज निप्पीणीकर जिलाधिकारी मुंगेर



