पंकज कुमार जहानाबाद।
शंभू गर्ल्स हॉस्टल छात्रा मौत मामला: डीएनए रिपोर्ट कब होगी सार्वजनिक? उर्फ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और डीजीपी विनय कुमार से पीड़िता के स्वजनों का सवाल
शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पीड़िता के स्वजनों ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए उर्फ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार से स्पष्ट रूप से पूछा है कि डीएनए रिपोर्ट आखिर कब सार्वजनिक की जाएगी। स्वजनों का कहना है कि जब तक डीएनए जांच रिपोर्ट सामने नहीं आएगी, तब तक सच्चाई उजागर नहीं हो सकती और दोषियों पर कार्रवाई भी अधूरी रहेगी।
पीड़िता के स्वजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से जांच की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं दिख रही है। प्रशासन की ओर से लगातार जांच जारी रहने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक सबसे अहम साक्ष्य मानी जा रही डीएनए रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। इससे परिवार का भरोसा सिस्टम से उठता जा रहा है।
डीजीपी और जांच प्रक्रिया पर सवाल
स्वजनों ने बिहार के डीजीपी विनय कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब मामला शीर्ष स्तर पर है और एसआईटी गठित है, तो फिर रिपोर्ट सामने लाने में देरी क्यों की जा रही है। स्वजनों का आरोप है कि जांच को लंबा खींचकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश हो रही है।
उर्फ मुख्यमंत्री से जवाब की मांग
उर्फ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। पीड़िता के स्वजनों ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में न्याय और बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि डीएनए रिपोर्ट कब तक सार्वजनिक होगी और दोषियों पर कब कार्रवाई होगी। स्वजनों ने यह भी कहा कि अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।
शंभू गर्ल्स हॉस्टल प्रबंधन पर भी संदेह
मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पीड़िता के स्वजनों का आरोप है कि घटना के बाद हॉस्टल प्रशासन ने पूरी जानकारी साझा नहीं की और कई तथ्यों को छुपाया गया। उनका कहना है कि यदि शुरुआत से ही निष्पक्षता और पारदर्शिता होती, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
जन आक्रोश बढ़ा, जवाब का इंतजार
छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी डीएनए रिपोर्ट सार्वजनिक करने और निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। अब सभी की नजरें उर्फ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और डीजीपी विनय कुमार पर टिकी हैं कि वे कब तक इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हैं और पीड़िता के स्वजनों को न्याय का भरोसा दिलाते हैं,




