रिपोर्ट- सुमित कुमार!
डैम से नहर में अचानक पानी आने से 100 बीघा खेत पानी डूबा। किसान परेशान। किसान ने कहा मनरेगा के तहत तीन बार खुदाई के नाम पर की करोड़ो रूपये की हुई निकासी लेकिन कार्य धरातल पर नहीं। एसडीओ ने कहा किसानो के आवेदन पर की जायेगी जाँच।
मुंगेर : जिले के असरगंज प्रखंड इन दिनों चौरगांव पंचायत अंतर्गत पुरुषोत्तमपुर गांव में बाढ़ जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। बीते दो दिन पूर्ब हनुमाना डेम से नहर में अचानक पानी आने से लगभग 100 बीघा खेत पानी में डूब गया है। जिस कारण से गांव के आसपास बाढ़ का नजारा उत्पन्न हो गया है। खेत में पानी जमा होने के कारण रबी की फसल गेंहू मक्का सहित अन्य फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। गांव के किसान कृष्णानंद सिंह, बेद प्रकाश सिंह ,धर्वेदंर कुमार ने बताया कि चौरगांव मुसहरी पुल से उत्तरवारी टोला श्रीनगर बथौरा एवं पोल से लोरिया तक जाने वाली नहर के समीप खेतों में पानी फैल गया है। जिस कारण से मशूर, गेहूं,,चना, आलू, धान ,मकई एवं खेसारी की फसल पूरी तरह से पानी में डूब गया है। किसानों ने बताया कि पहले भी बाढ़ के कारण पूरी तरह से फसल बर्बाद हो गई थी। अब अचानक नहर से आई पानी ने रबि फसल को चौपट कर दिया। आक्रोशित किसानों ने बताया कि एक दशक से नहर की सफाई नहीं हुई है जिस कारण से नहर का लेवल खेत से ऊपर हो गया है। जबकि मनरेगा विभाग से नहर सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। विभाग के द्वारा चौरगांव पंचायत भवन से शीतला स्थान तक नहर की सफाई कार्य किया गया है। किसानों ने जेसीबी से नहर की सफाई कराने का मांग किया है। इधर नहर से खेतों में पानी जाने का सिलसिला जारी है जिससे किसान भयभीत है। किसान सने फसल की क्षतिपूर्ति के लिए कृषि विभाग से सहायता राशि का मांग किया है।
वही तारापुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राकेश रंजन कुमार ने बताया की जानकारी मिलने के बाद प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रभावित स्थल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद नुकसान हुए फसल का किसानो को मुआवजा दिया जायेगा। उन्होंने कहा इस समय में नहर में पानी छोड़ने की जानकारी नहीं हुई है इसकी जानकारी ली जाएगी। उन्होंने कहा की किसानो ने आरोप लगाया की नहर की खुदाई के नाम पर तीन बार निकासी हुई लेकिन कार्य नहीं हुआ.किसानो द्वारा आवेदन मिलने के बाद जाँच की जाएगी
बाइट-राकेश रंजन कुमार अनुमंडल पदाधिकारी तारापुर




