मुजफ्फरपुर कोर्ट ने उत्तराखंड के मंत्री के पति को जारी किया नोटिस!

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रिपोर्ट- संतोष तिवारी

मुजफ्फरपुर कोर्ट ने उत्तराखंड के मंत्री के पति को जारी किया नोटिस : बिहारी महिलाओं के अपमान का है मामला

बीते दिन एक समारोह के दौरान उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी द्वारा बिहार की बेटियों पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी का मामला अब और तूल पकड़ता जा रहा है. इस विवादित बयान के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर कोर्ट में एक परिवाद दर्ज कराया गया था उस परिवाद पर सुनवाई के बाद नोटिस जारी कर दिया है कोर्ट ने 26/02/2026 को मंत्री के पति को खुद या अपने वकील के माध्यम से जबाब देना होगा .

बता दें की मुजफ्फरपुर के चर्चित अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने मुजफ्फरपुर कोर्ट में मामला दर्ज कराया था. जिसमे परिवाद में गिरधारी लाल साहू को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है. अधिवक्ता ओझा ने अभियुक्त पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं. वही इस मामले सुनवाई के बाद नोटिस जारी किया है , मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 26 फरवरी 2026 निर्धारित की है.

शिकायत के अनुसार, यह मामला मुजफ्फरपुर के काँटी थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव से संबंधित है, जहाँ 2 और 3 जनवरी 2026 को इस घटना का प्रभाव देखा गया. आरोप है कि गिरधारी लाल साहू ने इंटरनेट मीडिया पर जानबूझकर एक बेहद आपत्तिजनक बयान प्रसारित किया। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “बिहार में 20-25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाती हैं।”
परिवादी का तर्क है कि यह बयान न केवल बिहार की बेटियों का अपमान है, बल्कि समस्त स्त्री समाज की गरिमा और लज्जा को भंग करने वाला है. इस टिप्पणी से राज्य की छवि धूमिल हुई है और लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है.

उक्त मामला अब बिहार और उत्तराखंड के बीच एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है. बिहार में विपक्ष ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की तो बिहार राज्य महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है.

आयोग ने इस टिप्पणी को बेहद संवेदनशील और महिला विरोधी बताते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

सोशल मीडिया पर भी “बिहार की बेटी” के सम्मान में अभियान छिड़ गया है, जहाँ लोग मंत्री पति की गिरफ्तारी और सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं.

फिलहाल, मुजफ्फरपुर कोर्ट में दर्ज इस मामले ने उत्तराखंड की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है, जहाँ मंत्री रेखा आर्य को भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

बाइट:- परिवादी सह अधिवक्ता/ सुधीर कुमार ओझा

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