रिपोर्ट – अमित कुमार
बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण की उपलब्धियों को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से प्रेस कांफ्रेंस।
-अशोक चैधरी विभाग के मंत्री के साथ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा राज्य में विभिन्न योजनाओं के तहत सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है, जिसमें राज्य ग्राम सम्पर्क योजना, ग्रामीण होला निश्चय राज्य योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ नवीनीकरण एवं अनुरक्षण कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना, ग्रामीण सड़क सुदृढीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना, शुल्थ सम्पर्कता योजना, सात निश्चय पार्ट-प्रायोजित प्रधानमंत्री पान सड़क योजना शामिल हैं।
राज्य में कुल 1,29,000 बसावटों में से 1,20,678 बसावटों को सम्पर्कता प्रदान करते हुए 1,19,915 किलोमीटर पथ एवं 2,760 पुल का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत अबतक कुल 25,532 कि०मी० पथ एवं 328 पुल के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 23,423 कि०मी० पथ एवं 189 पुल पूर्ण कर लिए गए हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बारहमासी सड़कों से अनजुड़े वैसे ग्राम/टोले, जिनकी जनसंख्या 500 या इससे अधिक है, को बारहमासी सड़कों के माध्यम से चरणबद्ध रुप में एकल सम्पर्कता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत अद्यतन कुल 39,462.47 कि०मी० सड़क एवं 1,200 पुल के निर्माण की स्वीकृति ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार के द्वारा ग्रामीण कार्य विभाग को प्राप्त है, जिसमें से 38,057.21 कि०मी० सड़क एवं 1,163 पुल का कार्य पूर्ण करा लिया गया है।
ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्चय योजना के तहत राज्य के सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 100-249 आबादी वाली 4,643 ग्रामीण टोलों को बारहमासी सड़क सम्पर्कता से जोड़ने हेतु 3,977.30 कि०मी० पथों का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य योजना के तहत पथ/पुल के निर्माण/उन्नयन/चौड़ीकरण एवं सुदृद्धीकरण कार्य की योजनाएँ स्वीकृत की जाती हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण लड़कों के सम्पर्कता में सुधार, ग्रामीण क्षेत्रों को उद्योगोन्मुखी करना, कृषि उत्पादों का बेहतर उत्पादन एवं उनका उचित मूल्य प्राप्त करना है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ नवीनीकरण एवं अनुरक्षण कार्यक्रम (बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति-2018) के तहत विभाग के अधीन निर्मित एवं पंचवर्षीय अनुरक्षण अवधि के पश्चात् पथों के नियमित एवं व्यवस्थित सुधार, मरम्मत एवं रख-रखाव हेतु कार्य किया जा रहा है। इस नीति के अंतर्गत अबतक कुल 40,240.79 कि०मी० पथों की स्वीकृति प्रदान करते हुए अबतक 36,941.96 कि०मी० पथों का मरम्मति एवं अनुरक्षण का कार्य कराया गया है।




