अभी छोटा डोज दिया जा रहा है, जरूरत हुई तो बड़ा ईलाज होगा- विजय सिन्हा!

SHARE:

रिपोर्ट- अमित कुमार!


बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में सुधार को लेकर सरकार ने कड़ा लेकिन संतुलित रुख अपनाया है। विभागीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा है कि सुधार की प्रक्रिया जल्दबाज़ी में नहीं, बल्कि धीरे-धीरे और सतर्कता के साथ लागू की जा रही है।
मंत्री ने सुधार की नीति को चिकित्सा पद्धति से जोड़ते हुए कहा कि फिलहाल विभाग होम्योपैथिक इलाज की तरह छोटे-छोटे डोज में सुधार कर रहा है, ताकि किसी तरह की प्रतिकूल प्रतिक्रिया न हो। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर एलोपैथिक इलाज और ऑपरेशन जैसे कड़े कदम उठाने से भी सरकार पीछे नहीं हटेगी।
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि अचानक दबाव बनाने से व्यवस्था बिगड़ सकती है, इसलिए सुधार को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। विभाग को 31 मार्च तक के लिए स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा दी गई है, ताकि कामकाज में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
मंत्री ने अधिकारियों को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि विभागीय लापरवाही, देरी और भ्रष्टाचार अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आपको बता दें कि इस वित्तीय वर्ष में भूमि सुधार के क्षेत्र में ठोस सुधार देखने को मिला है। सामान्य आवेदनों की निष्पादन दर जहां पहले 75.30 प्रतिशत थी, वह बढ़कर अब 82 प्रतिशत हो चुकी है। वहीं, लंबित मामलों की संख्या में 30 हजार से अधिक की कमी आई है, जो प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा संकेत है।

बाईट : राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा

Join us on: