रिपोर्ट – संतोष चौहान!
सुपौल :- जिला नियोजन पदाधिकारी, सुपौल की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत क्रियाशील सभी कौशल विकास केन्द्र के संचालकों के साथ जिला नियोजन भवन, सुपौल के सभागार में समीक्षात्मक बैठक की गई। जिला नियोजन पदाधिकारी द्वारा सभी केंद्र संचालकों को यह निर्देश दिया गया कि इनटेक कैपेसिटी के अनुसार अपने केंद्र में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के माध्यम से सत्यापित किए गए आवेदकों को पंजीकृत किया जाए। जिन केंद्र पर 120 इनटेक कैपेसिटी के आधार पर अगर युवाओ की संख्या कम पाई जाती है तो वैसे केंद्र के विरुद्ध कार्रवाही हेतु अनुशंसा की जाएगी। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि प्रखंड कौशल विकास केंद्र, सुपौल में आवेदक का पंजीकरण कम पाया गया है, जिस पर खेद व्यक्त करते हुए केंद्र के संचालक से स्पष्टीकरण की मांग करने हेतु निर्देश दिया गया है। यह भी निर्देश दिया गया कि सभी आवेदकों को कंप्यूटर का मूल ज्ञान के साथ-साथ व्यवहार कौशल एवं संवाद कौशल की शिक्षा गुणवत्तापूर्ण तरीके से दी जाए। बैठक में उपस्थित प्रबंधक जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, सुपौल द्वारा यह बताया गया की कुशल युवा कार्यक्रम के तहत इस जिले की लक्ष्य 7800 है जिसमें से शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करते हुए अभी तक 7899 युवाओं को प्रशिक्षण हेतु पंजीकृत कर लिया गया है। सोमवारीय बैठक में जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा यह निर्देश प्राप्त है कि जिला अंतर्गत कार्य कर रहे सभी कौशल विकास केन्द्र पर विभाग द्वारा दिए गए निर्देश का अनुपालन किया जाए एवं क्वालिटी ओरिएंटेड ट्रेंनिंग आवेदकों को प्रदान किया जाए। इस संबंध में सभी संचालकों को यह निर्देश दिया गया कि अपने-अपने केंद्र पर आवेदक हेतु बुनियादी सुविधा प्रदान किया जाए और साफ-सफाई की व्यवस्था अच्छी तरह से रखी जाए। साथ ही सभी केंद्र के पहुंच पथ पर साइनेज एवं बैनर लगाया जाए। जिला कौशल प्रबंधक को निर्देश दिया गया के विभाग द्वारा दिए गए मानकों के आधार पर सभी कौशल विकास केन्द्रों का नियमित रूप से सत्यापन किया जाए। इस अवसर पर सुश्री अंकिता कुमारी, जिला नियोजन पदाधिकारी, सुपौल, डॉ शैलेश कुमार, प्रबंधक जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, सुपौल, जिला कौशल प्रबंधक, सुपौल सहित श्रम विभाग के कई अधिकारी एवं सभी कौशल विकास केंद्र के संचालक उपस्थित थे।




