रिपोर्ट- अमित कुमार!
बंदर‑बगीचा वाले घर में आज बधाइयों का सैलाब आया हुआ है। रहा। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य मंत्री विजय सिन्हा भी उन
के आवास पर पहुंचे, हाथ मिलाकर शुभकामनाएँ दीं और फिर सरावगी जी के साथ दरभंगा के लिए रवाना हो गए।
सरावगी जी ने कहा कि वह सबसे पहले दरभंगा के मंदिर में पूजा‑अर्चना करेंगे, उसके बाद आगे का कार्यक्रम तय करेंगे। उनका यह धार्मिक कदम पार्टी में नई ऊर्जा भरने का संकेत माना जा रहा है।
संजय सरावगी का राजनीतिक सफ़र 1995 में भाजपा में शामिल होने से शुरू हुआ। उन्होंने एबीवीपी से अपनी राजनीति की शुरुआत की और 2005, 2010, 2015 तथा 2020 में लगातार दरभंगा से विधायक चुने गए। उनकी शैक्षणिक योग्यता में एमकॉम और एमबीए शामिल है, और वह व्यापारिक वर्ग में गहरी पकड़ रखते हैं ।
नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनने के बाद अब उन्हें पार्टी की प्रदेश कमान सौंपी गई है। इस नियुक्ति को भाजपा के भीतर एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि सरावगी जी न केवल विधायक बल्कि एक अनुभवी संगठनकर्ता भी हैं।
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सरावगी जी को बधाई देते हुए कहा, “संजय भाई का अनुभव और जनता से जुड़ाव बिहार भाजपा को नई दिशा देगा।” वहीं, विजय सिन्हा ने भी उनके नेतृत्व में पार्टी के विस्तार की उम्मीद जताई।
सब मिलाकर, दरभंगा के इस कद्दावर नेता की नई जिम्मेदारी को लेकर पार्टी में उत्साह का माहौल है, और आने वाले दिनों में उनके कार्यक्रमों पर सबकी नजर रहेगी।




