शकील की रिपोर्ट

नवरात्रि में जहां नव दिन लोग मां शक्ति के नव रूपों की पुजा करते हैं । वहीं नवरात्रि के सप्तमी के दिन पैदा हुई पुत्री को एक बाप द्वारा अपनाने से इंकार किया जा रहा है । मामला अनुमंडलीय अस्पताल से है जहां बगहा नगर थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर मोहल्ले की पोखरा टोला निवासी प्रदीप सहनी की पत्नी देर रात्रि एक पुत्री को जन्म दिया । पुत्री पैदा हुई है यह सुनकर महिला का पति ने अपनी नवजात बच्ची व पत्नी को घर ले जाने से इंकार कर दिया । महिला अनुमंडलीय अस्पताल में घंटों बैठी रही । उसके बाद महिला ने बताया कि उसको पहले से दो पुत्री हैं । एक पुत्री नाम पलक कुमारी है । जिसका आयु लगभग डेढ़ वर्ष है । दुसरी पुत्री रिमझिम कुमारी जिसका आयु 3 वर्ष है । महिला ने बताया कि इसके पहले उसके पति के द्वारा एक बच्चे को नुकसान करवा दिया गया था । उसके बाद फिर एक बच्ची का जन्म हुआ है । अब पति समेत सभी परिजन बच्ची को अपनाने से परहेज कर रहे हैं । महिला अनुमंडलीय अस्पताल में बैठकर सोच में पड़ गई है अब वह करे तो क्या करें। महिला ने बताया कि सास रमपति देवी ससुर विनोद सहनी, और दादा ग्नेशी सहनी के द्वारा बार बार कहा जा रहा है की यह बच्ची उन्हें नहीं चाहिए और हम तुम्हें अपने घर नहीं ले जाएंगे । लेकिन 4 घंटे समझाने बुझाने के बाद महिला की सास अपनी पतोहु को घर ले गई । महिला के नैहियर में माता, पिता, भाई कोई नहीं है । सूत्रों की माने तो महिला के पति को जैसे ही पता चला कि ही उसको बेटी हुई हैं । वह पोखरे में डूबने की कोशिश कर रहा है ।




