दरभंगा संवाददाता: लक्ष्मण कुमार
11 शिक्षक में सिर्फ एचएम मौजूद, 155 नामांकित छात्रों में दोपहर 1 बजे एक भी बच्चा नहीं मिला, मध्यान्ह भोजन भी बंद
दरभंगा (प्रतिनिधि)। बिहार सरकार शिक्षा सुधार के नाम पर लगातार नई-नई योजनाएं चला रही है। बीपीएससी से नए शिक्षकों की नियुक्ति, नियोजित शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा द्वारा विशिष्ट शिक्षक बनाना, बच्चों को स्कूल से जोड़े रखने के लिए पोशाक, छात्रवृत्ति और मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
लेकिन हकीकत में सरकारी स्कूलों की तस्वीर अब भी सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही है। रविवार को बहादुरपुर प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय एकमीघाट (बल्लोपुर) का नजारा इसका बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया।
दोपहर 1 बजे खुली पोल
इस विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक कुल 155 छात्र नामांकित हैं और 8 शिक्षक तथा 3 तालीमी मरकज के साथ कुल 11 शिक्षक कार्यरत हैं। रविवार को दोपहर 1 बजे विद्यालय में सिर्फ प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ऑफिस में बैठे मिले। शेष सभी कक्षाओं में ताले लटक रहे थे और पूरा परिसर सुनसान था। एक भी छात्र मौजूद नहीं था। इसके बावजूद उपस्थिति रजिस्टर में 106 बच्चों की हाजिरी दर्ज पाई गई।
रसोइयों ने किया खुलासा
विद्यालय परिसर में सिर्फ तीन रसोइया—यमुना देवी, अंगूरी खातून और यास्मीन वानो—बरामदे पर बैठी मिलीं। पूछताछ पर उन्होंने बताया कि बगल में विवाह होने के कारण बच्चों को छुट्टी दे दी गई और आज एमडीएम भी नहीं बनाया गया।
जब प्रधानाध्यापक से इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने पहले सफेद झूठ बोलते हुए कहा कि आज चावल-छोला बना था और बच्चों को खिला कर छुट्टी दी गई है। लेकिन जब रसोइयों के बयान का जिक्र किया गया तो उन्होंने गलती स्वीकार की।
शिक्षक भी गायब
प्रधानाध्यापक ने बताया कि वे स्वयं मौजूद हैं, शिवशंकर मंडल और अरुण कुमार सीएल पर हैं, अनामिका और रानी बेनिजीर बानो एसएल पर हैं, एकता कुमारी व नजराना प्रवीण हाजिरी बनाकर घर चले गए। वहीं तालीमी मरकज के मेहंदी हसन और रकीवा प्रवीण भी हाजरी बनाकर चले गए हैं, जबकि मो. खुर्शीद बीएलओ ड्यूटी में हैं। कुछ देर बाद एक शिक्षक जकी इमाम ऑफिस में आ गए और बताया कि वह विद्यालय के काम से बगल में गए थे।
सरकारी योजनाओं की पोल खुली
सरकार की ओर से दिए जा रहे सभी संसाधनों के बावजूद विद्यालय का यह हाल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। 9.30 बजे से 4.00 बजे तक चलने वाले इस स्कूल में दोपहर 1 बजे ही ताले लटकना और बच्चों की गैरमौजूदगी न केवल मध्यान्ह भोजन योजना बल्कि उपस्थिति रजिस्टर की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
बीईओ ने लिया संज्ञान
इस मामले पर बहादुरपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) रंजना कुमारी ने दूरभाष पर कहा, “यह साफ तौर पर लापरवाही का मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
बाइट:- यास्मीन वानो




