रिपोर्ट- अमित कुमार!
पटना बिहार
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन ने पटना में ‘अति पिछड़ा न्याय संकल्प योजना’ जारी कर बड़ा सियासी दांव खेला है। पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और वाम दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “यह संकल्प राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने मिलकर तैयार किया है और हमारी सरकार बनने पर इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा।” खड़गे ने कहा कि कांग्रेस और गठबंधन का लक्ष्य उन जातियों और समाजों को उनका हक दिलाना है, जिन्हें अब तक वंचित रखा गया है। उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार की राजनीति “आया नीतीश गया नीतीश” पर अटकी है। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से अपील की कि जो एक बार भाजपा के साथ चला गया, उसे वापस नहीं लेना चाहिए। खड़गे ने कहा, नीतीश का बीजेपी के साथ जाना मतलब वो मनुवाद को चलना चाहते हैं।’
राहुल गांधी के 10 संकल्प घोषणा पत्र जारी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंच से 10 संकल्पों की घोषणा पढ़ते हुए कहा कि यह घोषणा-पत्र जनता के अधिकारों और न्याय की गारंटी है। राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान को खत्म कर रही है और चेतावनी दी कि आने वाले समय में इसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि “मैंने हाइड्रोजन बम की बात की थी, वह आएगा और तब भाजपा की सच्चाई सबके सामने होगी।”
राहुल गांधी ने संकल्प पत्र की मुख्य बातें गिनाईं, जिनमें शामिल हैं:
अति पिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम लागू करना।
पंचायत और नगर निकाय में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 20% से बढ़ाकर 30% करना।
आरक्षण की सीमा 50% से ऊपर ले जाने हेतु विधानमंडल से कानून पारित कर उसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करना।
नियुक्तियों में नॉट फाउंड सूटेबल जैसी प्रक्रिया को खत्म कर वैधानिक मान्यता देना।
अति पिछड़ा वर्ग की सूची से जुड़ी गड़बड़ियों के निपटारे के लिए विशेष कमेटी का गठन।
एससी, एसटी, ओबीसी और अति पिछड़ा वर्ग के भूमिहीन परिवारों को शहरी क्षेत्रों में 3 डिसमिल और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराना।
निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा अति पिछड़ा, दलित और जनजातीय बच्चों के लिए सुरक्षित करना।
25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों और सप्लाई वर्क में इन वर्गों को 50% आरक्षण देना।
निजी शैक्षणिक संस्थानों में भी आरक्षण लागू करना।
आरक्षण की देखरेख के लिए उच्च अधिकार प्राप्त प्राधिकरण का गठन करना और इसमें बदलाव केवल विधानमंडल की अनुमति से करना।
अधिकारियों को तेजस्वी यादव की चेतावनी सरकार बदली तो होगी करवाई
वही सभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार और भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में जितने भी भ्रष्ट अधिकारी हैं, सत्ता बदलने पर उन पर कार्रवाई की जाएगी। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के करीबियों में दलित और अति पिछड़ा वर्ग की कोई भागीदारी नहीं है। उन्होंने नारा दिया – “2005 से 25 बहुत हुए नीतीश।”
तेजस्वी यादव ने यूपी की राजनीति का भी जिक्र किया और समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व मंत्री आज़म खान के समर्थन में बोले। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार उन्हें झूठे मुकदमों में फंसा रही है और यह साफ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है।
पटना से जारी यह ‘अति पिछड़ा न्याय संकल्प योजना’ बिहार चुनाव में इंडिया गठबंधन का बड़ा एजेंडा मानी जा रही है। कांग्रेस और सहयोगी दलों का दावा है कि यह कदम सामाजिक न्याय और सत्ता में पिछड़ों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।




