रिपोर्ट – सुमित कुमार!
-मुंगेर : शारदीय नवरात्र के अवसर पर असरगंज प्रखंड में आस्था और तपस्या का अनोखा दृश्य देखने को मिल रहा है। यहां कुछ श्रद्धालु पूरे नौ दिनों तक सीने पर कलश रखकर साधना कर रहे हैं। उनकी कठोर तपस्या श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था का केंद्र बनी हुई है।
शंभूगंज थाना क्षेत्र के चटमाडीह निवासी 32 वर्षीय विश्वजीत कुमार सिंह लगातार तीसरे वर्ष कमरॉय गांव स्थित दुर्गा मंदिर में इस अनोखी साधना में लीन हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने अपने सीने पर कलश स्थापित कर पूजा की शुरुआत की। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आस्था और तपस्या को देखने के लिए प्रतिदिन मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। पत्नी अवंतिका देवी बताती हैं कि साधना के दौरान वे किसी प्रकार का भोजन ग्रहण नहीं करते, केवल तुलसी की पत्ती और गंगाजल का सेवन करते हैं। विश्वजीत का कहना है कि उनकी यह तपस्या पूरी तरह माता रानी की भक्ति और आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम है।
इसी तरह असरगंज मुख्यालय स्थित कॉलोनी निवासी 60 वर्षीय रामविलास पासवान भी सीने पर कलश रखकर साधना कर रहे हैं। वे पिछले दस वर्षों से हर नवरात्र पर इसी तपस्या का पालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें सपने में यह साधना करने का संकेत मिला था। विक्रमपुर निवासी चंदन गुप्ता उनकी सेवा में दिन-रात जुटे हुए हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि साधना के दौरान रामविलास भी केवल तुलसी और गंगाजल का सेवन करते हैं।दोनों भक्तों की यह अनूठी साधना पूरे इलाके में श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गई है।




