पंकज कुमार जहानाबाद ।
बिहार में सुशासन बाबू की सरकार चल रही है और लगातार इस सुशासन बाबू के सरकार में बच्चों को घर से गायब होना नियति बना हुआ है ।ताजा मामला जहानाबाद का है जहां से दो मासूम बच्चे लापता है और परिजनों के लाख गुहार के बाद भी पुलिस बच्चों को खोज पाने में अब तक विफल साबित हुई है ।जिले से दो बच्चों के कई महीनों से लापता होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि परस बीघा थाना क्षेत्र के गोडीहा गांव से अक्षय कुमार नौ महीने से और नगर थाना क्षेत्र के पूर्वी ऊँटा मोहल्ला से धर्मवीर कुमार चार महीने से गायब हैं। बच्चों की गुमशुदगी की सूचना परिवारजनों ने पुलिस को दी थी, लेकिन अब तक दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है। इसी को लेकर शनिवार को काको मोड़ से लेकर जिला पदाधिकारी कार्यालय तक आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च में शामिल संजय यादव ने आरोप लगाया कि गरीब परिवार के बच्चों के गुमशुदा होने पर पुलिस गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा“अगर किसी वीआईपी या बड़े लोगों का बच्चा गायब होता, तो पुलिस-प्रशासन तुरंत हरकत में आकर हड़कंप मचा देता। लेकिन हमारे बच्चे महीनों से गायब हैं और पुलिस कह रही है कि खोज जारी है। नौ महीने बीत जाने के बाद भी बच्चा बरामद नहीं हुआ है, जिससे अनहोनी की आशंका बढ़ रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मार्च में शामिल हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि गरीब परिवारों को न्याय नहीं मिल रहा है। परिजनों ने रोते-बिलखते पुलिस से गुहार लगाई है कि उनके बच्चों को जल्द से जल्द खोजकर सुरक्षित घर लौटाया जाए। परिजनों के एक बार फिर गुहार लगाये जाने के बाद अब पुलिस इस मामले में रुचि लेती है ना नहीं यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन इतना तो जरूर है कि पुलिस गस्ती पर दो बच्चों के गायब हो जाने पर सवाल तो खड़ा होता ही है




