रिपोर्ट – अमित कुमार!
पटना -उर्दू और बांग्ला टीईटी अभ्यर्थी पिछले 10 वर्षों से अपने रिजल्ट की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। उनका आरोप है कि 2013 में आयोजित उर्दू और बांग्ला टीईटी परीक्षा के रिजल्ट को जानबूझकर रोका गया है, जबकि हिंदी टीईटी के रिजल्ट घोषित हो चुके हैं।
अभ्यर्थियों ने जेडीयू कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और आत्मदाह की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को ठंडे बस्ते में रख रही है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है।
अभ्यर्थियों की मांग है कि उर्दू और बांग्ला टीईटी का रिजल्ट जल्द से जल्द जारी किया जाए और बहाली प्रक्रिया पूरी की जाए। वे पिछले 10 वर्षों से सड़क से लेकर कोर्ट तक गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है।




