नीतीश ही रहेंगे ‘सुपर बॉस’,निशांत का स्वागत, शराबबंदी रहेगी लागू – संजय झा

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रिपोर्ट – अमित कुमार!


शराबबंदी पर यू-टर्न नहीं: बिहार में अगले साढ़े चार साल खत्म नहीं होगा शराबबंदी कानून।
नीतीश ही रहेंगे ‘गाइड’: मुख्यमंत्री कोई भी हो, नीतीश कुमार के निर्देश पर ही चलेगी सरकार।
निशांत कुमार की एंट्री: जदयू कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह, विरोध करने वालों को संजय झा ने बताया विपक्षी ‘एजेंट’।
ममता बनर्जी पर हमला: राष्ट्रपति के अपमान को लेकर संजय झा ने पश्चिम बंगाल सरकार को घेरा।

जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने साफ कर दिया है कि बिहार की कमान भले ही किसी के हाथ में हो, लेकिन रिमोट कंट्रोल और मार्गदर्शन नीतीश कुमार का ही रहेगा। शराबबंदी से लेकर निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री तक, संजय झा ने हर विवाद पर अपनी बेबाक राय रखी है।

जदयू कार्यालय में मचे घमासान और विपक्षी हमलों के बीच संजय झा ने जीतन राम मांझी के शराबबंदी वाले बयान पर कड़ा पलटवार किया है। झा ने स्पष्ट कहा कि शराबबंदी कोई चुनावी स्टंट नहीं, बल्कि महिलाओं से किया गया नीतीश कुमार का वादा है। जनता ने इसी वादे पर वोट दिया है, इसलिए अगले साढ़े चार साल तक इस कानून में कोई बदलाव नहीं होगा।
(निशांत कुमार की एंट्री पर)
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर मचे शोर पर संजय झा ने मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी का बच्चा-बच्चा निशांत के आने से खुश है। पार्टी कार्यालय में जिन्होंने भी विरोध प्रदर्शन किया, वे जदयू के कार्यकर्ता नहीं बल्कि विपक्ष द्वारा भेजे गए ‘प्लांटेड एजेंट’ हैं। झा ने संकेत दिए कि निशांत की भूमिका क्या होगी, यह आने वाले समय में तय होगा, लेकिन कार्यकर्ताओं का जोश उनके पक्ष में है।

संजय झा ने एक और महत्वपूर्ण खुलासा किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने ट्वीट को तीन बार संशोधित करवाकर जारी किया था, जिसका अर्थ साफ है—भले ही नीतीश कुमार स्वयं मुख्यमंत्री पद पर न रहें, लेकिन बिहार की सरकार पूरी तरह से उनके गाइडेंस और इशारे पर ही काम करेगी।

​(ममता बनर्जी और शत्रुघ्न सिन्हा पर हमला):

राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलते हुए संजय झा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से आने वाली राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करना ममता की हताशा को दर्शाता है। साथ ही शत्रुघ्न सिन्हा के बयानों को भी उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया।

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