अरविंद कुमार
मोतिहारी। कन्हैया कुमार के साथ साथ बिहार से कुल 4 छात्र नेताओ ने भी राहुल गाँधी की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण किया , जिसमे जेएनयू के शोधार्थी पीयूष रंजन झा , AISF के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार और AISF के प्रदेश सचिव रंजीत कुमार शामिल है। जिसमे पीयूष रंजन झा पूर्वी चम्पारण ज़िले से आते है।
पीयूष रंजन झा
पूर्वी चम्पारण जिला के केसरिया विधानसभा अंतर्गत लाला छपरा गांव के निवासी है। इनके पिता राजकीय उच्च विद्यालय के शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हैं । पीयूष रंजन झा की आरंभिक पढाई जिला स्कूल ,मोतिहारी से हुई है । उच्च शिक्षा पटना के ए एन कॉलेज से हुई और यही से इनका जुड़ाव छात्र राजनीति से हुआ। कॉलेज के पढाई के क्रम में ये आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन से जुड़े और अपनी कुशल सांगठनिक क्षमता के बलबूते बिहार भर में मज़बूत छात्र आंदोलन को खड़ा किया। बिहार में बंद पड़े छात्र संघ चुनाव को दुबारा शुरू करवाने और साथ पटना विवि एवं मगध विवि छात्र संघ चुनाव में AISF को बड़ी जीत दिलवाने में इनकी बड़ी भूमिका रही है। इसके साथ साथ मोतिहारी में महात्मा गाँधी केंद्रीय विवि की स्थापना को लेकर हुए आंदोलन में भी सक्रिय रहे है। मास्टर्स की पढाई ख़त्म करने के बाद इनका नामांकन प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुआ ,जहा से इन्होने M.Phil की डिग्री हासिल की जहाँ इनके शोध का शीर्षक “मॉरिशस की राजनीति में प्रवासी बिहारियों की भूमिका ” था। वर्तमान में ये जेएनयू से पीएचडी पूरी करने वाले है। जेएनयू में रहते हुए इन्होने राष्ट्रीय स्तर के छात्र आंदोलन में सक्रिय रहे। 2015 में कन्हैया कुमार को जेएनयू छात्र संघ चुनाव के अध्यक्ष पद पर जीत दिलवाने में इन्होंने बड़ी भूमिका अदा की, लेकिन 2017 में सैद्धांतिक और सांगठनिक मतभेदो के चलते इन्होने AISF से अपने आप को अलग कर लिया। इनकी सांगठनिक क्षमता को देखते हुए ही इनको कन्हैया कुमार ने अपने साथ कांग्रेस में शामिल करवाया है।
पीयूष रंजन झा को कॉंग्रेस से जुड़ने पर इनके समर्थको मे खुशी की लहर है । श्री झा के करीबी एवं पूर्व छात्र नेता संजीव सिंह अभिमन्यु ने कहा की सांगठनिक ताकत देने मे माहिर हैं पीयूष रंजन झा, जिसका सीधा फायदा अब कॉंग्रेस को मिलेगा । वहीं जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ला, युवा जिलाध्यक्ष बिट्टू यादव, महिला जिलाध्यक्ष पिंकी सिंह, पूर्व मंत्री बृजकिशोर सिंह, आशीष कुमार, आजाद आलम, अमित चौहान , हरेंद्र पंडित सहित कॉंग्रेस कार्यकर्ताओ ने श्री झा को शुभकामना दिए ।
28 सितंबर 2021 को देश के चर्चित वामपंथी छात्र नेता और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कन्हैया कुमार ने राहुल गाँधी के उपस्थति में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर लिया। कन्हैया कुमार ने इस अवसर पर संवाददाता सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए कहा कि “आज देश को भगत सिंह के साहस, अम्बेडकर की समानता और गाँधी की एकता की जरुरत है “. कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने की खबर ने पूरी राजनीतिक हलके में एक तूफ़ान मचा दिया है। राजनीतिक विश्लेषक कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर नफा नुक्सान की गणना में व्यस्त है। हालांकि यह वक़्त बताएगा की कन्हैया कुमार कांग्रेस के लिए कितने फायदा पंहुचा पाते है।




