रिपोर्ट – अमित कुमार!
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आज राजधानी पटना के आईएमए हॉल में आयोजित शारीरिक शिक्षकों के सम्मान समारोह में शिरकत की।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। मंत्री ने कहा कि पहले बिहार में शिक्षा विभाग को अधिकारी चलाते थे लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और अब विभाग को मंत्री स्वयं चलाएंगे। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि शिक्षा से जुड़े फैसलों में अब राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका और अधिक बढ़ेगी तथा अफसरशाही का हस्तक्षेप कम होगा। कार्यक्रम के दौरान शारीरिक शिक्षकों ने मंत्री का पारंपरिक तरीके से सम्मान किया और अपनी विभिन्न मांगों को भी उनके समक्ष रखा। शिक्षकों की समस्याओं को सुनने के बाद मिथिलेश तिवारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में अब चाणक्य और चंद्रगुप्त की जोड़ी मिलकर काम कर रही है जिसका संकेत उन्होंने मुख्यमंत्री और अपने आपसी तालमेल की ओर इशारा करते हुए दिया। मंत्री ने विश्वास दिलाया कि इस जोड़ी के नेतृत्व में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने जनता से जो भी वादे किए हैं उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा और किसी भी वर्ग की उपेक्षा नहीं होगी। शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। इसीलिए शारीरिक शिक्षकों की भूमिका को और मजबूत किया जाएगा ताकि स्कूलों में खेल और शारीरिक गतिविधियों को उचित स्थान मिल सके। मंत्री के इस बयान के बाद शिक्षक वर्ग में उत्साह का माहौल देखा गया और उन्हें उम्मीद है कि अब उनकी लंबित मांगें जल्द पूरी होंगी। कुल मिलाकर मंत्री का यह संबोधन शिक्षा विभाग में नए बदलाव और पारदर्शिता का संकेत देता है जिससे आने वाले समय में बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लाभ मिलने की संभावना है और शिक्षक समुदाय भी सरकार की नीतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार नजर आ रहा है।



