रिपोर्ट- निभाष मोदी!
दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर डाक्टर लक्ष्मण यादव ने कहा कि शिक्षा के साथ साथ संविधान खतरे में है। दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व अस्सिटेंट प्रोफेसर डाँक्टर लक्ष्मण यादव भागलपुर नाथनगर स्थित जैन धर्मशाला में आयोजित, शिक्षा बचाओ संविधान बचाओ सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे हुए थे। जहां भागलपुर जिले से काफी संख्या में आए शिक्षक, विद्वत, शिक्षा विद् लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी भी मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान को जो बिहार के मानने वाले लोग हैं, जो शिक्षा की अहमियत को जानते हैं। वो एक ऐसा भारत बनाना चाहते हैं जिससे हर हाथ को कलम और किताब मिले। लेकिन मौजूदा दौर में एक नई शिक्षा नीति के नाम पर शिक्षा को बेची जा रही है। गरीब के हाथों से शिक्षा छिनी जा रही है। ऐसे में शिक्षा को बचाना देश को बचाने का सवाल है। संविधान जिससे देश चलता है, आज खतरे में है, राजनीतिक रूप से संविधान को कमजोर कर उन तबकों के हाकमारी को और सुनिश्चित करने की साजिश की जा रही है। वहीं जिनको संविधान ने अधिकार , सम्मान और अवसर दिया है। इसलिए संविधान को बचाना इस देश के 90% आवाम का कर्तव्य है। शिक्षा बचेगी तो आने वाली पीढ़ियां भी बचेगी । इसलिए संविधान और शिक्षा को बचाने का बिहार में एक मुहिम है। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व अस्सिटेंट प्रोफेसर डाँक्टर लक्ष्मण यादव शिक्षा और संविधान के साथ साथ कई मुद्दों पर केन्द्र और बिहार सरकार पर जमकर प्रहार किया। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व अस्सिटेंट प्रोफेसर डाँक्टर लक्ष्मण यादव शिक्षा और संविधान के साथ साथ कई मुद्दों पर केन्द्र और बिहार सरकार पर जमकर प्रहार किया।




