भागलपुर से धीरज शर्मा की रिपोर्ट

छात्राओं ने कहा मानसिक रूप से प्रताड़ित करती है अधीक्षिका!
प्रदर्शन कर रही छात्राओं को छात्रावास का मेन गेट खुलवाने को करीब आधा घंटा करना मसक्कत, पुलिस बल आई तब जाकर गेट खुलवाया गया
अधीक्षिका बोली बिना नामांकन रह रही के छात्रा, करती है मनमानी
हंगामे की सूचना पर नाथनगर अंचलाधिकारी सहित दो थाने की पहुंची पुलिस
नाथनगर ललमटिया थाना क्षेत्र स्थित अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास में छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। हंगामा कर रहे छात्राओं ने हाथों में तख्ती लेकर छात्रावास की अधीक्षिका को हटाने की मांग कर रही थी और अधीक्षिका पर आरोप लगाते हुए कही की वह हम सभी छात्राओं पर किसी न किसी तरह मानिसक रूप से प्रताड़ित करती है और हम सभो को बंदी बना कर रखती है।
हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर नाथनगर अंचलाधिकारी स्मिता झा, ललमटिया ओपी और विश्वविद्यालय थाने की पुलिस महिला बल के साथ आई और छात्राओं को काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया गया लेकिन वह लोग नही मानी साथ ही अपनी मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए कुलपति से मिलने टीएमबीयू चली गई।
छात्रा दरक्षा अनवार ने बताया कि मैं टीएमबीयू की पीजी समेस्टर टू की छात्रा हूं। कोरोना को लेकर विश्व विद्यालय के द्वारा परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। हॉस्टल में रह रहे हैं तो अधीक्षिका के द्वारा कहकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है कि तुम्हारा बाप गुंडा है और तुम्हारे कारण हॉस्टल का माहौल खराब हो रहा है।
छात्रा नगमा अनवार ने बताया कि अधीक्षिका नाहिदा नसरीन बेवजह हमलोग पर अभद्र टिप्पणी करती रहती है और कभी भी छात्रा के पक्ष में नहीं रहती है मेस वाली की ही पक्ष में रहती है।
वही अधीक्षिका नाहिदा नसरीन ने बताया कि गुरुवार को प्रभारी अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार छात्रावास आए और दरक्षा और नगमा अनवार को कहा कि आप दोनों का कोर्स पूरा हो गया हॉस्टल खाली कर दीजिए। रात नौ बजे दरक्षा मेरे कक्ष के पास पहुंची और भद्दी भद्दी गालियां देने लगी। मैंने इसकी सूचना पदाधिकारी को दी तो उन लोगों ने कहा अभी आप वहां से निकल जाइए। अगर मैं वहां से नहीं निकलती तो मेरे साथ कोई अप्रिय घटना भी घट सकती थी। यह दोनों बहन हमको जान से मारने कि भी धमकी देती थी। दोनों बहन का सत्र समाप्त हो गया है, इसलिए इन लोगों को खाली करने को कहा गया।




