रिपोर्ट- आशुतोष पांडेय
-आरा के सदर अस्पताल में आज एक अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिला जब इलाज के लिए आए एक मरीज का सदर अस्पताल के वार्ड में ही झाड़ फूंक से इलाज शुरू कर दिया गया।आरा सदर अस्पताल में भर्ती मरीज का इलाज परिजन द्वारा झाड़-फूंक और आरती उतार कर किया जा रहा है मरीज इमरजेंसी वार्ड में डायरिया से पीड़ित है परिजनों द्वारा जानकारी दी जा रही है वहीं उनका इलाज कल देर रात्रि पारीजनों द्वारा झाड़-फूंक कर किया जा रहा था। वहीं अस्पताल प्रशासन इस तस्वीर से बिल्कुल ही बेफिक्र दिखाई दी। स्वास्थ्य के बेहतर दावे देने वाले आरा सदर अस्पताल में जहां डॉक्टरों का इलाज पर भरोसा नहीं वहीं पर डायरिया से बीमार व्यक्ति का इलाज परिजनों द्वारा झार फुंक से और आरती कर ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है।मामला आरा सदर अस्पताल का है जहां भोजपुर जिले के नगर थाना क्षेत्र के भलाइपुर निवासी स्वर्गीय नीलू यादव के पुत्र धनपाल यादव जो लगभग एक सप्ताह से बीमार चल रहे थे जिन्हें सोमवार को आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया परिजन द्वारा डायरिया की शिकायत बताई जा रही है वहीं आरा सदर अस्पताल में इलाज के बावजूद मरीज के पत्नी के द्वारा झार फुंक आरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी में ही करने लगी और अपने पति को ठीक करने के लिए आरती उतारने लगी यह देखकर अस्पताल में सभी मरीज हैरत में पड़ गए वही इस पूरी घटना से अस्पताल बेफिक्र है ।आज साइंस कितना आगे बढ़ गया है प्रतिदिन नई उपलब्धियां का और नई खोज में साइन डॉक्टर और साइंटिस्ट लगे हैं ।वही बेहतर चिकित्सा का दावा सरकार कर रही है और भोजपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल ,मॉडल हॉस्पिटल में आकर मरिज के परिजन द्वारा डायरिया को ठीक करने के लिए झार फुंक का इस्तेमाल करना हमारी मेडिकल सुविधा को भी चुनौती दे रहे हैं।हालांकि इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन ने कुछ भी कहने से इन्कार किया है।
बाइट/- मरीज के पत्नी




