रिपोर्ट- अमित कुमार!
लघु जल संसाधन विभाग का प्रेस कॉन्फ्रेंस
विभागीय मंत्री संतोष सुमन ने दी जानकारी
वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को भारी नुकसान हुआ है, जिससे जल संकट बढ़ता जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस समस्या को समझते हुए 2019 से बिहार में जल संरक्षण और प्रबंधन पर कार्य शुरू किया।
जल जीवन हरियाली योजना के तहत व्यापक स्तर पर जल प्रबंधन की दिशा में कार्य हो रहा है।
बिहार में जल संसाधन की स्थिति और योजनाएं
बिहार की 74% आबादी गांवों में निवास करती है और कृषि पर निर्भर है।
राज्य में 94 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि उपलब्ध है।
2025 तक हर खेत तक सिंचाई के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
जल जीवन हरियाली योजना
वित्तीय वर्ष 2023-24 तक 23,39.869 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
योजना के अंतर्गत 2377 परियोजनाओं में से 2217 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 260.299 करोड़ रुपये लागत की 139 नई योजनाओं की स्वीकृति मिली।
योजना पूर्ण होने पर राज्य के 25,822 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की पुनर्स्थापना होगी।
हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2331.79 करोड़ रुपये की लागत से 1516 योजनाओं को मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना
35,000 निजी नलकूप लगाने का लक्ष्य, जिससे किसानों को सिंचाई में मदद मिलेगी।
अब तक 10,279 निजी नलकूप लगाए जा चुके हैं।
इस योजना से राज्य के 1,75,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव होगी।
सरकार की ये योजनाएं बिहार में जल संकट को दूर करने और कृषि उत्पादकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।




