रिपोर्ट- अमित कुमार
दिल्ली में प्रचंड जीत के बाद अब बिहार की बारी है? इस सवाल पर जब तेजस्वी यादव के नेता मनोज झा से पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “दिल्ली में भाजपा को सरकार बनाने में 27 साल लग गए। बिहार भी एक बड़ा और राजनीतिक रूप से परिपक्व राज्य है। यहां के लोग वैचारिकता और कमिटमेंट को देखकर फैसला लेते हैं, इसलिए किसी को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “चुनाव सिर्फ धर्म और जाति की राजनीति तक सीमित नहीं रहने चाहिए। बिहार को क्या मिलेगा? बिहार के युवाओं को क्या मिलेगा—लाठियां या रोजगार? तेजस्वी यादव ने युवाओं के रोजगार को लेकर एक लंबी लकीर खींच दी है। हमारे पास बहन-मां योजना हो, 200 यूनिट फ्री बिजली हो, सामाजिक सुरक्षा पेंशन हो—ऐसे कई विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा, हम युवाओं के लिए एक खास ब्लूप्रिंट तैयार कर रहे हैं, जिसमें उनके लिए विशेष घोषणाएं होंगी। चुनाव केवल खोखले बयानों पर नहीं, बल्कि असल मुद्दों पर होने चाहिए।”
जब उनसे यह पूछा गया कि “दिल्ली तो झांकी थी, अब बिहार की बारी है?” तो उन्होंने जवाब दिया, “जो एनडीए के नेता यह बातें कह रहे हैं, वे खुद इस पर कितना टिकेंगे, यह देखने वाली बात है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, **”प्रधानमंत्री हैं, उन्हें आने से कौन रोक सकता है? लेकिन दिल्ली चुनाव के दिन वे कुंभ स्नान करने गए थे। कम से कम बिहार के मृतकों




