धर्मेंद्र पांडेय

आखिरकार लड़के के ससुराल वाले शव को जबरदस्ती एंबुलेंस पर लादकर अपने घर ले गए!
दरभंगा। दरभंगा एयरपोर्ट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक शव के पहुंचने पर शव को लेने के लिए दो पक्ष आपस में भिड़ गए। दरअसल मुंबई में सहरसा के एक युवक नौशाद की दो दिन पहले ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई थी। उसके शव को फ्लाइट से दरभंगा एयरपोर्ट लाया गया था। उस पर अधिकार जताने को लेकर दो पक्षों के बीच भिड़ंत हो गई और काफी देर तक शव वहीं पड़ा रहा। नौशाद के शव को लड़के के परिजनों और उसके ससुराल वालों ने पैसा खर्च कर प्लेन में बुक कराया और दरभंगा एयरपोर्ट तक ले आए। शव पहुंचने के बाद लड़के के ससुराल वाले उसे अपने घर बहेड़ी थाना क्षेत्र के मगरगाही गांव ले जाने पर अड़ गए जबकि लड़के के परिजन उसे अपने घर सहरसा जिले के मोहम्मदपुर ले जाना चाहते थे। इसी को लेकर काफी देर तक विवाद चला और आखिरकार लड़के के ससुराल वाले शव को जबरन एंबुलेंस पर लादकर अपने घर बहेड़ी थाना क्षेत्र के मगरगाही गांव लेकर चले गए।
मृतक के चचेरे भाई बाबुल ने बताया कि उसके भाई की मौत 2 दिन पहले मुंबई में हो गई थी। उसने बताया कि भाई के ससुराल वाले और घर वाले दोनों ने मिलकर उसके शव को फ्लाइट से बुक करा कर दरभंगा एयरपोर्ट तक लाया। उसने बताया कि दोनों पक्षों के बीच यह तय हुआ था कि शव पहले लड़के के घर सहरसा जिले के मोहम्मदपुर जाएगा उसके बाद मिट्टी देने के लिए उसकी ससुराल बहेड़ी थाना क्षेत्र के मगरगाही गांव ले जाया जाएगा। लेकिन शव एयरपोर्ट पर आने के बाद मृतक के ससुराल वाले इस बात पर अड़ गए कि शव सहरसा जिले में उसके पैतृक गांव नहीं जाएगा बल्कि ससुराल के गांव जाएगा और वहीं पर मिट्टी दी जाएगी। उसने कहा कि उसके घर के लोग बस एक बार शव का दर्शन कर लेना चाहते हैं लेकिन मृतक के ससुराल वाले शव को जाने नहीं दे रहे हैं। उसने कहा कि इस बात को लेकर सहमति बन गई है कि लड़के को मिट्टी उसके ससुराल में ही दी जाएगी इसके बावजूद ससुराल के लोग शव को मृतक के पैतृक घर नहीं ले जाने देना चाहते हैं।
वहीं, लड़के के ससुराल पक्ष के एक परिजन मोहम्मद जुनैद ने बताया कि मृतक नौशाद पिछले 13 साल से अपनी ससुराल बहेड़ी थाना क्षेत्र के मगरगाही गांव में रहता था। उन्होंने कहा कि लड़के के बाप ने उसे घर से भगा दिया था। उसने बताया कि 2 साल तक कोरोना के दौरान अपनी ससुराल में बेरोजगार बैठा रहा और ससुराल के लोगों ने ही उसका खर्च उठाया। उसने बताया कि मृतक की पत्नी उसे अपने मायके में ही दफन करना चाहती है जहां वह पिछले 13 साल से रह रहा था इसलिए वे लोग शव को लेकर चले गए हैं। उसने कहा कि मृतक के चार बच्चे हैं जिनका खर्च लड़के के ससुराल वाले ही चलाते हैं।




