कृषिमंत्री मंगल पांडेय ने रबी महाअभियान के तहत किया कार्यशाला का उद्घाटन!

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रिपोर्ट- अमित कुमार!

माननीय मंत्री, कृषि विभाग, बिहार मंगल पाण्डेय द्वारा बामेती, पटना में आयोजित रबी महाभियान, 2०24 के अंतर्गत राज्यस्तरीय रबी कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। सचिव, कृषि विभाग श्री संजय कुमार अग्रवाल द्वारा इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की गई।
माननीय मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा रबी मौसम में फसलों के उत्पादन एवं उत्पांदकता बढाने के लिए कई कार्यक्रमों के क्रियान्वयन करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान के माध्यम से किसानों को कृषि संबंधी तकनीकी प्रशिक्षण देते हुए कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी एवं प्रचार-प्रसार तथा विभिन्न उपादानों का वितरण पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जायेगा । उन्होंने कहा कि इस महाभियान के माध्यम से किसानों को तेलहन, दलहन, मक्का के साथ-साथ बागवानी फसलों, गेहूँ के बीज / उपादान तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दिया जाने वाला अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इस कार्यक्रम में विशेषज्ों द्वारा लाभार्थी किसान को कृषि की उन्नत तकनीक एवं विभागीय योजना में देय अनुदान के संबंध में जानकारी एवं प्रशिक्षण दी जाएगी तथा उनके बीच विभिन्न योजनाओं के तहत् अनुदानित दर पर उपादान का वितरण भी किया जाएगा I माननीय मंत्री बताया कि इस रबी फसलों का आच्छादन क्षेत्र का लक्ष्य 39.806 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया है, जिसमें गेहँं 26.147, मक्का 8.026, जौ 0.182 तथा कुल दलहन का आच्छादन क्षेत्र 5.442 लाख हेक्टेयर है। इसके अतिरिक्त 2.371 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तेलहनी फसलों का उत्पादन किया जायेगा, जिसमें राई / सरसों 2.120, तीसी 0.223 लाख हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है।
उन्होंने कहा कि गेहँ का बीज 362302.8 विवंटल, चना 34844.16 विवंटल, मसूर 58588 किवंटल, मटर 10000 विवंल, तीसी 950 किवंटल तथा राई/ सरसों 325 किवंटल अर्थांत कुल 470510 विविंटल बीज की आवश्यकता होगी। इस लक्ष्य के विरूब्ध अब तक 76573.67 किविंटल बीज की आपूत्ति की गई है। दलहनी एवं तेलहनी फसलों के बीज का वितरण किया जा रहा है। साथ ही, गेहँके बीज का वितरण भी आरम्भ किया जा रहा है।
माननीय मंत्री ने कहा कि खाद्य एवं पोषण सुरक्षा (कृषोन्नति योजना)-दलहन योजना अन्तर्गत किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु मसूर प्रत्यक्षण कार्यकरम के लिए किसानों को प्रति एकड़ / प्रति प्रत्यक्षण 3600 रूपये के साथ ही, 2000 प्रति एकड रूपये नगद अनुदान सहायता दिया जा रहा है एवं मसूर फसल प्रमाणित बीज वितरण कार्यक्रम (दस वर्ष से अधिक एवं कम आयु के प्रमेद) बीज मूल्य का 80 प्रतिशत या 10,160 रूपये प्रति क्विंटल दोनों में जो न्यूनतम हो, अनुदान दिया जायेगा। राष्ट्रीय कृषि विकास, योजना अंतर्गत चना एवं मटर कार्यक्रम के तहत् प्रत्यक्षण एवं बीज वितरण का कार्य किया जा रहा है खाद्य तेल-तेलहन (कृषोन्नति योजना) अन्तर्गत तेलहनी फसल राई/ सरसों, तिल, मूंगफली एवं तीसी प्रमाणित बीज वितरण कार्यक्रम बीज मूल्य का 80 प्रतिशत अनुदान पर दिया जा रहा है।
श्री पाण्डेय ने कहा कि इस रबी मौसम में 200000 मीट्रिक टन यूरिया, 80000 मीट्रिक टन डी०ए०पी०, 140000 मीट्रिक टन एन०पी०के० तथा 30000 मीट्रिक टन एम०ओठपी० की आवश्यकता होगी। इसके विरूद्द अभी तक 154439 मीट्रिक टन यूरिया, 44442 मीट्रिक टन डी०ए०पी०, 40805 मीट्रिक टन एन०पी०के० तथा 23414 मीट्रिक टन एम०ओ०पी० उपलब्ध है।
कृषि् विभाग के विशेष सचिव श्री वीरेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक इस अवसर पर श्री नितिन कुमार सिंह, उद्यान निदेशक श्री अभिषेक कुमार, अपर सचिव श्री शौलेन्द्र कुमार, माननीय कृषि मंत्री के आप्त सचिव श्री अमिताभ’ सिंह, अपर निदेशक (शष्य)-निदेशक, बामेती श्री धनंजयपति त्रिपाठी सहित विभाग के मुख्यालय एवं केत्रीय पदाधिकारीगण मौजूद थे।

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