रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
– मधुबनी जिले से लगने वाली इंडो नेपाल बॉर्डर पर तैनात 48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एस एस बी) ने सिमा सुरक्षा से लेकर विभिन्न अपराधीक गतिविधियों को रोकने के साथ ही लोगों के लिए स्वास्थ्य शिविर, पर्यावरण सुरक्षा, खेल कूद, आपदा से निपटने जैसे अन्य आवश्यक गतिविधियों को जहां चलाती रहती है। वही मानव तस्करी और बाल श्रम जैसी गंभीर समस्याओं पर विचार-विमर्श को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में क्षेत्रीय गैर-सरकारी संगठनों (एन जी ओ) के प्रतिनिधियों, अशोक ए मोहिते, एन जी ओ प्रथम, सन्नी कुमार, एन जी ओ चाइल्ड लाइन, मनोज कुमार झा, एन जी ओ मिथिला कला विकास, राम अधीन दास, शिव गिरिराज विकास संस्थान, दीपशिखा सिंह महिला विकास मंच और राकेश कुमार समाधान युवा क्लब तथा अन्य मुख्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में बढ़ते मानव तस्करी और बाल श्रम के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था। बैठक में मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों को पुनर्वास, जागरूकता अभियान चलाने और कानून के सख्त अनुपालन के विषयों पर गहन चर्चा की गई।
एसएसबी के कार्यवाहक कमांडेंट विवेक ओझा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, मानव तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ लड़ाई में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। एन जी ओ के साथ हमारा सहयोग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम इस संबंध में सभी आवश्यक सहायता और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बैठक में एन जी ओ के प्रतिनिधियों ने तस्करी के शिकार हुए बच्चों और महिलाओं के पुनर्वास के लिए अपने अनुभव और विशेषज्ञता को साझा किया। उन्होंने जागरूकता बढ़ाने के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रशिक्षण और कार्यक्रमों की भी योजना प्रस्तुत की।
उक्त बैठक से यह निष्कर्ष निकला कि पुलिस, सुरक्षा बल, एन जी ओ और स्थानीय समुदायों के बीच आपसी सहयोग से ही इन गंभीर मुद्दों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। भविष्य में इस दिशा में और भी ठोस कदम उठाए जाएंगे और समय-समय पर ऐसे बैठकें आयोजित की जाएंगी।




