सड़क दुर्घटना में दो की मौत, पसरा मातम, जन प्रतिनिधियों ने परिजनों को दिया मदद का आश्वासन!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

मलमल के शोकाकुल परिजनों से मिले उप प्रमुख, हर संभव मदद का दिलाया भरोसा

मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड क्षेत्र के मलमल गांव के एक साथ सरक दुर्घटना में दो – दो मौत से पुरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे कलुआही प्रखंड के उप प्रमुख चंदन प्रकाश यादव ने कहा है कि जब सर से पिता का साया उठ जाय और परिवार का देखभाल करने वाला ही ना रहे तो उस परिवार के ऊपर दुखो का पहाड़ टूट पड़ता है। और अगर एक ही जगह दो परिवारों से एक साथ दो दो अर्थी उठे तो उसका दुख महसूस किया जा सकता है। दरअसल कलुआही थाना क्षेत्र के मलमल गांव के दो युवकों की दिल्ली में सड़क हादसा में मौत से पीड़ित परिवार के घर पांच दिनों से कोहराम मचा हुआ है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। छोटे छोटे बच्चो के गले में उतरी देख हर किसी का दिल पसीज जाना स्वाभाविक है। ज्ञात हो की बीते शनिवार को मलमल गांव के स्वर्गीय रामविलास भगत के 38 वर्षीय पुत्र राजकुमार भगत और कामेश्वर भगत के 32 वर्षीय पुत्र धमेंद्र भगत का दिल्ली के लाजपत नगर में सड़क दुर्घटना होने से मौके पर मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने सोमवार को दिल्ली से शव को मलमल लाकर अंतिम संस्कार कर दिया। घटना के 5 दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों के चीत्कार से पूरा गांव में गमगीन माहौल बना हुआ है। घटना से मृतक के परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनों मृतक के पत्नी घटना के दिन से ही बदहवाश है और अपने पति को खोने के गम में खाना पीना छोर दी है। मृतक की मां और पत्नी रह रहकर बेहोश हो जा रही है। उनके रोने के कारुणिक आवाज से मोजूद लोगों की आंखे नम हो जाती है। घटना को लेकर मृतक धर्मेंद्र भगत के भाई ने दिल्ली एम्स ट्रॉमा सेंटर अस्पताल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि वहां के डॉक्टर चाहते तो मृतक राजकुमार भगत की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन डॉक्टरों ने लावारिश समझकर उनका भी जान ले लिए। जो पूरी तरह दिल्ली पुलिस और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही है। इधर घटना के बाद कलुआही उप प्रमुख चंदन प्रकाश यादव, पत्रकार मन्नी भगत, संजीव पासवान और मिथलेश यादव शोकाकुल परिवार से मिलकर दुख बांटने का प्रयास किया और उन्होंने कहा कि दोनों मृतक धर्मेंद्र और राजकुमार बहुत ही मिलनसार व्यक्ति थे। दोनों शादी सुदा है और दोनो का छोटे छोटे तीन तीन बच्चे है। उनके असमय चले जाने से परिवार पूरी तरह बदहवास है। उप प्रमुख एवं मृतक के चचेरे भाई भरत भगत ने परिवार और बच्चों के भरण पोषण के लिए सरकार द्वारा मिलने वाली मुआवजा और अन्य लाभ दिलाने को लेकर पहल करने का भरोसा दिलाया।

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