रिपोर्ट- अमित कुमार!
जल संसाधन विभाग में प्रेस कांफ्रेंस, मंत्री ने बाढ़ और सिंचाई पर की चर्चा!
बिहार के जल संसाधन विभाग की योजनाओं पर मंत्री विजय चौधरी का बयान: बाढ़ और सिंचाई के लिए बड़ी पहल
पटना: जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय चौधरी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बाढ़ बिहार के लिए एक गंभीर समस्या है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होता है। बिहार के 73% क्षेत्र में बाढ़ का खतरा रहता है, इसलिए राज्य सरकार ने बाढ़ से बचाव और जल प्रबंधन के लिए कई योजनाएं चलाई हैं।
उन्होंने बताया कि गंगा नदी का पानी गया, राजगीर, और नवादा तक पहुँचाया गया है, और दुर्गावती जलाशय जैसी प्रमुख योजनाएं चल रही हैं। राज्य में हर खेत को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के लिए नोडल सिंचाई विभाग को जिम्मेदारी दी गई है, और अब तक विभाग का 96-97% कार्य पूरा हो चुका है।
बिहार में नदियों को जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है, जिसमें कोशी-मेची लिंक प्रमुख है। केंद्र सरकार ने इस पहल में सहायता की है, और बिहार की यह योजना पूरे देश में अव्वल है।
मंत्री चौधरी ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए हर साल तटबंध बनाए जा रहे हैं और कई नए इलाकों में भी यह कार्य हो रहा है। केंद्र सरकार ने बाढ़ और सिंचाई के लिए लगभग 11.5 करोड़ रुपये की सहायता दी है।
जल संसाधन विभाग ने हाल ही में नहरों और पुल-पुलियों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई है। नई नीति के अनुसार, पुल निर्माण के लिए पिलर की गहराई समेत अन्य आवश्यक मानकों का पालन किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि नदियों में गाद प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय गाद नीति की जरूरत है, जिसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए।
बाइट:“हम बाढ़ से बचाव और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव कदम उठा रहे हैं,” – विजय कुमार चौधरी, मंत्री, बिहार सरकार।




