रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
मधुबनी जिले से लगने वाली इंडो नेपाल बॉर्डर पर तैनात 48 वी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल जयनगर द्वारा दुल्लीपट्टी गांव स्थित सशस्त्र सीमा बल के परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन गोविंद सिंह भंडारी कमांडेंट, 48 वी वाहिनी के तत्वाधान में किया गया । विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशनुसार सशस्त्र सीमा बल,48 वी वाहिनी जयनगर द्वारा दुलीपट्टी में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन कराया गया। 48 वीं वाहिनी को वर्ष 2024 में कुल 15000 वृक्षा लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जिस लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से लगभग 8500 सो पौधे इनके द्वारा रोपित किया जा चुका हैं। तथा जल्द ही लक्ष्य को प्राप्त कर लिए जाने के उद्देश्य से लगातार अभियान चलाया जाता रहा है। वही तय लक्ष्य को जल्द ही पुरा कर लिया जाएगा।
इस अवसर पर गोविंद सिंह भंडारी कमांडेंट, 48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा जयनगर ने नीम, आम, अमरुद, जामुन इत्यादि के 530 पौधों को रोपित करा कर पर्यावरण बचाने का सन्देश लोगों को दीया है। गोविंद सिंह भंडारी कमांडेंट, 48 वी वाहिनी ने बताया है कि पौधे हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। ये हमें आक्सीजन देती हैं जिसकी हमे साँस लेने के लिए जरुरत पड़ती है। पौधे लगाने से पृथ्वी के हरे आवरण को बढ़ाने में मदद मिलती है, और पर्यावरण में सुधार होता है। हमारे घर में या हमारे पड़ोस में वृक्षारोपण करने से हमें हरियाली की सुंदरता का आनंद देखने को मिलता है। इसलिए हमें प्राकृत को संतुलित बनाये रखने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने, स्वस्थ और खुशहाल जीवन को बढ़ावा देने के लिए पौधों को बचाना और पौधों को लगाना जरूरी है। साथ ही इन्हें ने पर्यावरण के महत्व को समझाते हुए लोगों से अपील करते हुए कहा है कि लोगों को कम से कम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए, साथ ही अपने जान पहचान के लोगों को भी वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करना चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान विवेक ओझा उप कमांडेंट तथा वाहिनी के सभी अधीनस्थ अधिकारियों उनके परिवारजनों ने भाग लिया और उत्सवि माहौल मे प्रतिभागी बनते हुए वृक्षारोपण किया।




