रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
गांधीवादी नेता रामटहल हत्या काण्ड का एक वर्ष से अधिक समय वित जाने के बाद भी उद्भेदन नहीं हो पाने के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन
मधुबनी जिले के कलुआही थाना क्षेत्र अंतर्गत एक वर्ष पूर्व गांधीवादी नेता स्वर्गीय रामटहल पूर्वे हत्या काण्ड का एक वर्ष बाद भी पुलिस द्वारा उद्भेदन नहीं होने से आक्रोशित लोगो ने गुरुवार को कलुआही थाना के सामने कलुआही पुलिस के विरूद्ध एक दिवसीय जोरदार धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस द्वारा हत्यारों को विना देर किए गिरफ्तार नहीं करने पर पुलिस के विरूद्ध बड़े आंदोलन की घोषणा किया है। सीपीआई के जिला मंत्री मिथिलेश झा , महिला नेत्री राजश्री किरण, सीपीआई के पूर्व जिला मंत्री डा हेमचंद्र झा, कृपानन्द आजाद, रामनारायण बनरैत , लक्ष्मण चौधरी सहित अन्य ने धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते कहा कि एक साल बीत जाने के बाद भी स्वर्गीए रामटहल पूर्वे हत्या कांड का उद्भेदन करने में पुलिस विफल है। वक्ताओं ने कहा निर्मम हत्याकांड मामले में स्वर्गीय रामटहल पूर्वे की पुत्रवधु एवं अन्य चार – पांच गवाह ने एसपी मधुबनी एवं डीएसपी सदर मधुबनी के समक्ष अपना बयान कलम बंद कराया है। बाबजूद इसके कलुआही थाना पुलिस मामले को गंभीरता से अभी तक नहीं लिया है। वक्ताओं ने कहा कि बिरासी बर्ष की उम्र में स्वर्गीय रामटहल पूर्वे की हत्या वर्तमान में समाज और पुलिस दोनों के लिए कलंक है। सीपीआई के जिला मंत्री ने अपने संबोधन में घोषणा किया की अविलंब गिरफ्तारी नहीं हुआ तो लाल झंडा की इस धरती पर पुलिस में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरूद्ध व्यापक आंदोलन होगा। आगामी 15 जुलाई के बाद कलुआही थाना में तालाबंदी तक हो सकता है। जिसकी जबाबदेही मधुबनी एसपी और थानाध्यक्ष की होगी। गौरतलब हो कि स्वर्गीय रामटहल पूर्वे को पुरसौलिया गांव स्थित घर के समीप एक झाड़ी में हत्या कर चेहरा पर तेजाब डाल कर फेंक दिया गया था। घटना के चार दिन बाद कलुआही पुलिस ने शव बरामद किया था। इस जघन्य हत्याकांड को लेकर लोगों में घटना के बाद से ही आक्रोश है। घटना को लेकर उनके पुत्रवधु के बयान पर कलुआही थाना में कांड संख्या 93 / 23 दर्ज है। घटना के बाद हत्या के विरुद्ध थाना क्षेत्र के लोगों में आक्रोश फैल गया था। लोगों ने थाना का घेराव कर पुलिस के विरूद्ध नाराजगी जाहिर किया था। बाद में उनके पुत्रवधु ने पुलिस अधीक्षक मधुबनी, आई जी दरभंगा एवं डीजीपी पटना को आवेदन पत्र समर्पित कर गांव के कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। धरना के बाद भाकपा नेता शिवनारायण यादव , मसोमात पूनम देवी, केवल झा , रंजीत यादव एवं रामचन्द्र राम के शिष्टमंडल ने एक स्मार पत्र धरना स्थल पर थानाध्यक्ष सपन कुमार को सौंपा गया। कलुआही थानाध्यक्ष सपन कुमार ने गांधीवादी नेता की निर्रमम हत्याकांड से थाना क्षेत्र में पुलिस के प्रति बढ़ते आक्रोश को देखते हुए धरना स्थल पर स्वयं पहुंचकर लोगों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र किए जाने का आश्वाशन दिया है। गौरतलब है कि घटना के समय सपन कुमार कलुआही थानाध्यक्ष के पद पर नहीं थे।




