रिपोर्ट- निभाष मोदी!
गोराडीह के थानेदार को किया लाइन हाजिर,सीटीएसपी ने कहा आरोपियों के आरोप पर की जा रही है सघन जांच
गोराडीह पुलिस ने 7 लोगों को रूम में बंद कर जानवरों की तरह पीटा था और करंट लगाकर प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालकर किया था टॉर्चर
भागलपुर के गोराडीह थाना क्षेत्र में 14 जून को सुमेश मंडल की धारदार हथियार से गला रेत कर निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसको लेकर अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस एड़ी चोटी एक कर रही थी वहीं दो दिन पहले 7 लोगों को गोराडीह पुलिस ने पूछताछ के लिए 2:00 बजे रात में ही सातों लोगों को थाने पर बुलाया था, उसके बाद जमकर पिटाई शुरू कर दी थी,पुलिस ने पूछताछ के क्रम में सबों को हाथ पैर बांधकर करंट लगाकर जमकर पिटाई की फिर भी किसी ने कुछ नहीं कबूला तो एक युवक के प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालकर थर्ड डिग्री इस्तेमाल करते हुए जमकर पिटाई की, गोराडीह पुलिस के इस रवैया से पूरा इलाका सदमे में आ गया है ।
क्रूर पुलिसिया कार्रवाई के थर्ड डिग्री अप्लाई करने से सभी लोग बुरी तरह घायल हो गए थे जिसका इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा था जिससे मिलने सांसद अजय मंडल पहुंचे और उन्होंने कहा कि जल्द न्याय मिलेगा और दोषियों को सजा मिलेगी,
सुरेश मंडल हत्याकांड में संदीप व्यक्तियों से पूछताछ के क्रम में करंट लगाने एवं प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने की बात पर भागलपुर सिटी एसपी ने कहा कि इस पर जांच की जा रही है प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह पाया गया है कि संदिग्ध व्यक्तियों से शक्ति से पूछताछ किया गया साथ ही पेट्रोल डालने एवं करंट लगने की बात गलत है वही प्रशासनिक एवं विधि व्यवस्था के दृष्टिकोण से थाना अध्यक्ष गोराडीह शांत सुमन को थाना अध्यक्ष के पद से हटाते हुए एवं सनोज कुमार राजवंशी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
अब सवाल यह उठता है कि अगर थाना अध्यक्ष शांत सुमन और सब इंस्पेक्टर सनोज कुमार राजवंशी ने ऐसा कुछ नहीं किया है तो उसे लाइन हाजिर क्यों किया गया?
पूछताछ के लिए पुलिस ने जिन लोगों को उठाया था उसमें गोराडीह गांव से ही धनेश्वर दास अंबेडकर दास फुलेश्वर दास संजीत दास कन्हैया दास जी 14 दास और संतोष दास हैं वहीं गोराडीह थाना अध्यक्ष शांता सुमन और एसआई विनोद कुमार के खिलाफ इन लोगों ने यह सारी बातें कहीं वही सभी घायल का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है वहीं एक युवक को गोराडीह थाने में ही अभी तक रखा गया है जब पीड़ित सातों युवक ने मीडिया से बात की तो उनके आंख भर आए और उन्होंने दबे ज़ुबानी में कहा कि बड़ा बाबू और छोटा बाबू दोनों ने एक रूम में बंद कर हम लोगों को जानवर की तरह पीटा जबकि हम लोग निर्दोष हैं, अब सवाल यह उठता है कि इस तरह की बर्बरता पूर्ण पुलिस का रवैया कहां तक सही है…..
पुलिस की थर्ड डिग्री मार तो आपने सुनी ही होगी जब कोई सीधे नहीं कुछ कबूलता है तो पुलिस को थर्ड डिग्री इस्तेमाल करना पड़ता है,




