पुल धाराशाई होने के मामले में इंजीनियर निलंबित, ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड,फिर दर्ज, जाँच शुरू!

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रिपोर्ट- मो. मुर्शिद आलम!

अररिया – अररिया के सिकटी में बकरा नदी पर बना पुल मंगलवार को ध्वस्त हो गया। पानी के तेज बहाव में पडरिया घाट पर बने पुल का तीन पिलर और ऊपर का गार्डर भरभरा कर बकरा नदी में समा गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन सहायक अभियंता अंजनी कुमार एवं कनीय अभियंता मनीष कुमार को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पुल निर्माण के संवेदक सिराजुर रहमान पर एफआईआर दर्ज कर उनकी कंपनी को काली सूची में दर्ज कर कार्यवाई का आदेश दिया है। इसके साथ ही इस पुल हादसे की उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है। इसी को लेकर अररिया डीएम इनायत खान और जल निस्सरण व आरईओ विभाग के टीम ने बुधवार को पडरिया घाट पहुंचकर घ्वस्त पुल का जायजा लिया। मौके पर डीएम इनायत खान ने बताया कि पुल हादसे मामले में सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। इस पुल निर्माण में जुड़े दो अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। दोनों अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत थे और इस पुल के निगरानी की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। डीएम ने कहा कि इसकी उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि अब पटना से टीम आकर ध्वस्त पुल की जांच करेगी। उन्होंने बताया पटना की टीम पुल के अवशेष को लेकर जाएगी। जिसकी जांच उच्चस्तरीय प्रयोगशाला में किया जाएगा। तब ही पुल के गिरने के कारणों का पता चल पायेगा। उसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

बतादें की सिकटी प्रखंड के बकरा नदी पर परडिया घाट पर बना पुल मंगलवार को अचानक आई नदी में बहाव के कारण भरभरा कर नदी में समा गया। इस हादसे में पुल का तीन पाया पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। 12 करोड़ से बनने वाली इस पुल में कुल 8 पिलर का निर्माण किया गया था। 181 मीटर लंबी पुल को 2020 में ही पूरा कर लेना था। लेकिन कोविड और बाढ़ के कारण निर्माण कार्य को पूरा करने में देरी हुई। लेकिन जब लगभग ये पुल बनकर तैयार हुआ ही के नदी की बहाव ने इसे ध्वस्त कर दिया है।
बाइट – इनायत खान, डीएम, अररिया।

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