रिपोर्ट – अनमोल कुमार
मोकामा ( हथिदह) की वह रंगीन शामजाने कहाँ गए वो दिन*
मैकडोवेल के बन्द होते ही विराने में बदल गएश्रमिक बदहाल और बेकार हुए*
हथिदह ( मोकामा) । विजय माल्या द्वारा संचालित हथिदह स्थित मैकडोवेल कंपनी तत्कालिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षा और हठधर्मिता की भेंट चढ़ गयी। 08 . 05.2016 को शराबबंदी कानून के कारण पूर्णतया बन्द कर दी गई। कारखाने में कार्यरत 1500 श्रमिक को बेकारी और भूखमरी की भट्ठी में झोक दिया गया। यूँ तो शराबबंदी के नाम पर पुलिस की चांदी खूब कटी। शराबबंदी तो पूरी तरह से बन्द नही हूआ, बल्कि ऊँचे दाम पर होम डिलीवरी की सुविधा बढ गया। थाना, पुलिस, कोर्ट, वकील की आमदनी में इजाफा हुआ और बिहार सरकार कान में तेल डालकर सोती रही, जेल भरता गया, लोग जमानत पर छुटते रहे। कारोबार का रूप बदल गया।
हथिदह का मैकडोवेल नम्बर – 01 आज भी उस रंगीन शाम की याद दिलाती है। शराबबंदी कानून और तानाशाही के कारण श्रमिकों की आवाज दबती चली गई। कारखाना विराने में तब्दील हो गया।
शराबबंदी का यह हाल रहा कि थाने में जप्त एक ट़क शराब चुहे पी गए। अपराध और अपराधी का मनोबल बढ़ा। पुलिस शराबखोरो को एसे पकडती थी जैसे किसी आतंकवादियों को पकड़ लिया हो।




