अग्निशमन दल एवं 48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के जवानो ने किया आग पर काबू पाने का माक ड्रिल!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

मधुबनी जिले से लगने वाली इंडो नेपाल बॉर्डर पर स्थित 48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के प्रांगण में किसी भी विषम परिस्थितियों में आग पर काबू पाए जाने के उद्देश्य से फायर अधिकारी सुभाष प्रसाद सिंह अग्निशमन दल जयनगर द्वारा प्रशिक्षण एवं माँक ड्रिल रिहर्सल का आयोजन विवेक ओझा कार्यवाहक कमांडेंट, 48 वी वाहिनी के पर्यवेक्षण में कराया गया। इस मौके पर फायर अधिकारी सुभाष प्रसाद सिंह द्वारा वतया की आग क्या है, आग के प्रकार, आग के लगने के कारण और लगी हुई आग पर कैसे नियंत्रण किया जाये और सामान्य तौर पर घरों में गैस सिलेंडर व विद्युत शार्ट सर्किट आदि से संबंधित आग की प्रवृति और आग से बचाव के तरीकों के साथ- साथ आग लगने के स्थिति में हड़बड़ाना नहीं चाहिए बल्कि विवेक से काम लेने के उद्देश्यों को लेकर 48 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों एवं जवानो को जागरूक किया गया।
अग्निशमन अधिकारी ने माक ड्रिल रिहर्सल में बताया कि गैस सिलिडर में आग लग जाने पर मोटे कपड़े को पानी में भिगोकर उक्त सिलिडर को चारों तरफ से ढक कर आग को बुझाया जा सकता है। इसके अलावा यह भी जानकारी दी कि गैस सिलिंडर में लगी आग को समान्य साइज की बाल्टी को उपयोग कर किस तरह बुझाया जा सकता है। गैस सिलिडर में आग लग जाने पर आग को मेन स्विच ऑफ कर अथवा पाइप खोलकर-हटाकर उंगली का प्रयोग कर कैसे बुझाया जा सकता है, इसे करके दिखाया गया। मौके पर तेल में लगी आग को अग्निशामक यंत्रों व फोम का प्रयोग कर किस तरह से बुझाया जा सकता है। अग्निशमन दस्ता के सदस्यों ने कागज की ढेर में आग लगाकर कार्बन डाइऑक्साइड गैस से लगे आग को बुझा कर दिखाया।
अग्निशामक दल के अधिकारी ने अपने वक्तव्य में बताया कि आग से निपटने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। जागरूकता फैलाकर हम आग से होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं। यह प्रदर्शन इसलिए किया गया, ताकि सशस्त्र सीमा बल,जयनगर के जवान आग लगने पर खुद का बचाव करते हुए आग पर काबू पाने को लेकर सक्षम हो सके । आग लगने के कई कारण हो सकते हैं और आग कभी-कभी इतनी विकराल हो जाती है कि लोग पूरी तरह बर्बाद हो जाते हैं। उनकी जीवन भर की कमाई का जलकर राख हो जाता है। ऐसे प्रदर्शनों के माध्यम से जागरूकता फैलाकर आग पर काबू पाया जा सकता है। इस माक ड्रिल रिहर्सल के दौरान फायर सर्विस टीम की तरफ से 4 कर्मचारी तथा सशस्त्र सीमा बल जयनगर की तरफ से 02 अधिकारी, 08 अधिनस्थ अधिकारी तथा 40 जवानो ने भाग लिया।

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