दोहरे हत्याकांड में पिता पुत्र दोषी करार, अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा!

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रिपोर्ट- पंकज कुमार!

जहानाबाद में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जावेद अहमद खान की अदालत ने दोहरे हत्याकांड के मामले में सुनवाई करते हुए पिता और पुत्र को दोषी करार करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही साथ दोनों आरोपियों को 25-25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद पीड़िता की आंखे छलक गयी और अपर लोक अभियोजक के कोर्ट परिसर में राखी बांधी। इस दौरान पीड़िता ने कोर्ट के मुख्य द्वार पर आरोपी की तस्वीर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। मामला परस बिगहा थाना क्षेत्र के कोसडीहरा गांव है। सजा सुनाने के बात पिता सुधीर कुमार और उसके पुत्र बिट्टू कुमार को जेल भेज दिया गया है। बताया जाता है कि दोनों अभियुक्तों का चरित्र अपराधिक रहा है और पूर्व में भी इन दोनों ने गांव में कई कारनामे की है। इस संबंध में सरकार की ओर से मामले में पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक बिंदु भूषण प्रसाद ने बताया की दोनों मामला परसबीगहा थाना के कोसडीहरा गांव का है। जहां आपसी विवाद में वर्ष 2019 में घात लगाकर पहले अमरेंद्र कुमार को सरेराह गोली मार दिया था। जिसका इलाज के 18वें दिन पीएमसीएच में अमरेंद्र शर्मा की मौत हो गई थी। घटना के बाद परसबिगहा थाना में दोनों नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बताते चले कि अभियुक्त बिट्टू कुमार को जुवेनाइल घोषित किया गया था। जो कुछ दिनों बाद अभियुक्त बिट्टू कुमार बाल गृह से भाग कर अमरेंद्र हत्याकांड मुकदमे में गवाह रहे बड़े भाई अरविंद कुमार को मुक़दमे में समझौता करने एवं मुक़दमा वापस लेने की धमकी देने लगा। अंततः अभियुक्त बिट्टू कुमार साजिश रच कर अन्य अभियुक्तों के साथ के 13 नवंबर 2022 को अरविंद शर्मा कि दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। गौरतलब है कि अरविंद शर्मा जहानाबाद एक निजी मैरिज हॉल में रात्रि प्रहरी का काम करता था, प्रतिदिन अपने काम पर जाने के दरमियान कोसडीहरा मोड पर पहुंचकर बस का इंतजार कर रहा था, तभी पहले से घात लगाए दोनों अपराधियों ने गोली मार दी थी और मौके से फरार हो गया था। वही अरविंद शर्मा की मृत्यु इलाज के क्रम हो गई थी। सुचिका प्रतिमा देवी द्वारा परसबिगहा थाना में दोनों अभियुक्तों को नामजद करते हुए अन्य चार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। इन दोनो मुकदमो में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जावेद अहमद खान की अदालत ने गवाहों की गवाही के मद्देनजर रखते हुए दोनो मामले में सुनवाई करते हुए भारतीय दंड विधि की धारा 302 एवं 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त सुधीर कुमार और उसके पुत्र बिट्टू कुमार उर्फ बालाजी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वही सबूतों के अभाव में अन्य अभियुक्त जयंती देवी, रुचि कुमारी, रेणु देवी एवं अप्राथमिकी अभियुक्त अमन कुमार उर्फ रोहित को न्यायालय द्वारा रिहा कर दिया गया। इधर सजा आने के बाद पीड़िता ने बताया कि वह इस सजा से संतुष्ट नही है वह अपने पति और भैसुर को न्याय दिलाने और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात कही है।
Byte – विनोद कुमार सिंह, अपर लोक अभियोजक
प्रतिमा देवी, परिजन

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